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फ़िल्म जगत

सतलुज विवाद पर बोले राम गोपाल वर्मा, फिल्म हटाने पर उठाए सवाल

दिलजीत दोसांझ और अर्जुन रामपाल स्टारर फिल्म 'सतलुज' को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा. रिलीज के महज 48 घंटे के भीतर ही फिल्म को ZEE5 ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई. अब इस पूरे विवाद पर फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने भी खुलकर अपनी राय रखी है.

राम गोपाल वर्मा ने अपने X अकाउंट पर एक लंबा-चौड़ा नोट शेयर करते हुए फिल्म की जमकर तारीफ की और साथ ही इसे हटाए जाने पर बेबाक तरीके से सवाल भी उठाए.

'ये फिल्म नहीं, कभी न भरने वाला जख्म है'
राम गोपाल वर्मा ने लिखा कि 'सतलुज' सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि ऐसा गहरा जख्म है जो कभी नहीं भर सकता. उनके मुताबिक ये फिल्म देश के इतिहास के सबसे अंधेरे अध्यायों में से एक को फिर से सामने ले आती है. उन्होंने कहा कि ये सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सच से सामना कराने वाला माध्यम है.

राम गोपाल वर्मा ने दिलजीत दोसांझ की एक्टिंग की जमकर सराहना की. उन्होंने लिखा कि फिल्म में दिलजीत ने बिना किसी हीरो वाली दिखावटी बहादुरी के बेहद संयम और गुस्से से भरा शानदार अभिनय किया है. दिलजीत के हाथ में कोई हथियार नहीं, सिर्फ एक रजिस्टर (लेजर) और उनका जमीर है. यही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरता है.

RGV ने अर्जुन रामपाल की एक्टिंग की भी खूब तारीफ की. उन्होंने कहा कि अर्जुन ने फिल्म में सिस्टम और सत्ता की कड़वी सच्चाई को बहुत दमदार तरीके से दिखाया है. उनका किरदार इतना असली लगता है कि उसे देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं.

'डायरेक्टर ने सनसनी नहीं, सच्चाई दिखाई'
राम गोपाल वर्मा ने डायरेक्टर हनी त्रेहान की तारीफ करते हुए लिखा कि उन्होंने इस संवेदनशील विषय को सनसनीखेज बनाने की बजाय बेहद संजीदगी से पेश किया है. उन्होंने कहा कि फिल्म धीरे-धीरे एक इन्वेस्टिगेशन थ्रिलर की तरह खुलती है, जिसमें सरकारी फाइलें, श्मशान घाट के रिकॉर्ड और धीमी बातचीत के जरिए सच्चाई सामने आती है. यही संयम फिल्म को और ज्यादा असरदार बना देता है.

अपने पोस्ट में राम गोपाल वर्मा ने लिखा कि फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष ये है कि ये दिखाती है कि कैसे एक लोकतंत्र कभी-कभी अपने ही नागरिकों को निगल जाता है और बाद में सबूत मिटाने की कोशिश करता है. उन्होंने कहा कि फिल्म किसी तरह का भाषण नहीं देती, बल्कि दर्शकों को खुद सोचने पर मजबूर करती है.

'सतलुज के साथ खालड़ा जैसा मत होने देना'
पोस्ट के आखिर में राम गोपाल वर्मा ने भावुक अपील करते हुए लिखा- मैं सत्ता में बैठे सभी लोगों से अपील करता हूं कि 'सतलुज' के साथ वही मत कीजिए जो जसवंत सिंह खालड़ा के साथ हुआ था. उन्होंने आगे लिखा- सच्चाई को जितना छिपाने की कोशिश की जाती है, वो उतनी ही ज्यादा ताकत के साथ सामने आती है.

राम गोपाल वर्मा का ये बयान ऐसे समय आया है, जब 'सतलुज' को ZEE5 से हटाए जाने को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. सोशल मीडिया पर भी फिल्म को दोबारा स्ट्रीम करने की मांग तेज होती जा रही है, जबकि इस पूरे मामले पर बहस अभी थमती नहीं दिख रही है. एक के बाद एक कई सेलेब्स इस मामले पर अपनी राय दे रहे हैं, साथ ही फिल्म बॉडीज ने भी सेंसरशिप पर सवाल उठाए हैं.

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