<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
उत्तर प्रदेश

UP में पौधरोपण का बनेगा नया रिकॉर्ड, CM योगी बोले- ‘माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:’ के भाव को करें आत्मसात

'माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:' के भाव को आत्मसात कर पौधरोपण का नया रिकॉर्ड बनाएगा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, महापौर, जिला पंचायत अध्य़क्षों, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत के अध्यक्षों, ब्लॉक प्रमुखों, जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, निवर्तमान ग्राम प्रधानों व पंचायत सदस्यों, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत के पार्षदों आदि से किया संवाद

12 जुलाई को वृक्षारोपण महाभियान-2026 के तहत लगाएं ‘एक पेड़ मां के नाम’, उत्तर प्रदेश में एक ही दिन में लगाए जाएंगे 35 करोड़ पौधे, सुबह 7 से शाम छह बजे तक होगा वृहद आयोजन

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से की अपील- जनसहभागिता से पौधरोपण महाभियान को बनाएं सफल, इसके लिए दो दिन के भीतर कर लें तैयारी 

पौधे लगाएं और हर हाल में उसकी सुरक्षा पर भी दें पूरा ध्यानः मुख्यमंत्री

72 हजार से अधिक जनप्रतिनिधि शासन की शक्ति, इनकी सहभागिता से हासिल किया जाएगा हर लक्ष्यः मुख्यमंत्री 

लखनऊ, 
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने'पौधरोपण महाभियान-2026' के दृष्टिगत जनप्रतिनिधियों से वर्चुअली संवाद किया। इस संवाद में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, महापौर, जिला पंचायत अध्य़क्षों, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत के अध्यक्षों, ब्लॉक प्रमुखों, जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, निवर्तमान ग्राम प्रधानों, पंचायत सदस्यों, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायतों के पार्षदों आदि की सहभागिता रही। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों, संगठनों और नागरिकों से इसमें बढ़-चढ़कर सहभागिता करने का आह्वान किया।  

12 जुलाई को लगाए जाएंगे 35 करोड़ पौधेः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पौधरोपण अभियान जनांदोलन का स्वरूप ले चुका है। 5 जून 2026 (विश्व पर्यावरण दिवस) पर भी पांच करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इस प्रकार विगत 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश में 247 करोड़ से अधिक पौधे रोपित किए जा चुके हैं। प्रदेश में 12 जुलाई को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। 

जनप्रतिनिधि दो दिन के भीतर बैठक कर पूरी करें तैयारी 
मुख्यमंत्री जी ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अगले दो दिन में अपने-अपने क्षेत्रों में अधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय संस्थाओं के साथ बैठक कर वृक्षारोपण स्थलों का चयन करें तथा पौधों की आवश्यकता का प्रस्ताव जिला प्रशासन एवं वन विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते सभी तैयारियां पूरी की जा सकें।

कई विशिष्ट वन भी किए जाएं स्थापित, सार्वजनिक स्थलों पर भी लगाए जाएं छायादार पौधे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पौधरोपण महाभियान-2026 में इस वर्ष महर्षि चरक औषधि वन, समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन, ऊर्जा वन, कपि वन समेत अनेक नवीन वन स्थापित किए जाएं। अभियान का प्रमुख हिस्सा मिशन छाया, अविरल धारा पौधरोपण, सहजन भंडारा, आम भंडारा भी हो। मिशन छाया के तहत गर्मी से राहत देने के लिए सड़क किनारे व सार्वजनिक स्थलों पर छायादार पौधे भी लगाए जाएं। इसके अलावा 15 अगस्त को वंदे मातरम वाटिका, 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर भाई-बहन पौधरोपण व 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ भी लगाया जाए। 

हर हाल में सुनिश्चित हो पौधों की सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों व प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को सहजन का पौधा उपलब्ध कराया जाए। यह पौधा कुपोषण से बचाव में काफी कारगर साबित होता है। उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों से संवाद बनाकर उन्हें भी पौधरोपण जन अभियान से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अमृत सरोवरों, नदियों के किनारे, खाली जमीन, हाइवे-एक्सप्रेसवे के किनारे, मंडी समितियों में आवश्यकतानुसार फलदार-छायादार पौधे रोपित किए जाएं। गंगा जी, यमुना जी समेत अन्य नदियों के तटवर्ती क्षेत्रों में सघन पौधरोपण किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधे लगवाने के साथ इनकी सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जाएं। ट्री गार्ड आदि लगाकर इनकी सुरक्षा भी हर हाल में सुनिश्चित की जाए। 

नर्सरियों में उपलब्ध हैं 57 करोड़ से अधिक पौधे
मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ वर्ष पहले जब प्रदेश में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान प्रारंभ किया गया था, तब वन एवं उद्यान विभाग की नर्सरियों में पांच करोड़ पौधे भी उपलब्ध नहीं थे। आज स्थिति यह है कि दोनों विभागों के पास 57 करोड़ से अधिक पौधों का भंडार है। इनमें फलदार, औषधीय, इमारती तथा सजावटी प्रजातियों सहित सभी प्रकार के पौधे शामिल हैं और प्रत्येक जनपद में इनकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहा उत्तर प्रदेश 
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य दोनों को सुरक्षित रखने का राष्ट्रीय दायित्व है। ग्लोबल वार्मिंग, अतिवृष्टि, अनावृष्टि तथा प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी माध्यम है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री जी ने पूरे देशवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है और उत्तर प्रदेश लगातार अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

72 हजार से अधिक जनप्रतिनिधि शासन की शक्ति 
उन्होंने कहा कि प्रदेश के 72 हजार से अधिक निर्वाचित जनप्रतिनिधि शासन की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि सभी जनप्रतिनिधि पूरी सक्रियता से इस अभियान से जुड़ेंगे तो वृक्षारोपण का लक्ष्य सहजता से प्राप्त किया जा सकेगा और यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण करेगा।

मुख्यमंत्री का पौधों के संरक्षण व संवर्धन पर रहा जोर 
मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक पौधे के संरक्षण और संवर्धन की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने पौधों की नियमित सिंचाई, गुड़ाई, सुरक्षा एवं देखरेख की व्यवस्था करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि सुरक्षित पौधा ही भविष्य में विशाल वृक्ष बनकर पर्यावरण की रक्षा करेगा।

महाभिय़ान को जन जागरूकता व सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भी जोड़ें 
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर आम, जामुन, पीपल, बरगद, पाकड़, नीम, हरड़ सहित पर्यावरण और जैव विविधता के लिए उपयोगी वृक्षों को प्राथमिकता दी जाए। प्रत्येक स्थान पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकगीत, नुक्कड़ नाटक एवं जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाए, जिससे लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति स्वाभाविक जागरूकता और उत्साह का वातावरण बने।

प्रत्येक कार्यक्रम की कराएं फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक वृक्षारोपण कार्यक्रम की वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी कर वन विभाग द्वारा विकसित मोबाइल ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए। इससे अभियान की पारदर्शी मॉनिटरिंग के साथ-साथ प्रदेश के उत्कृष्ट आयोजनों को डिजिटल, सोशल, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रदर्शित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आयोजन स्थल पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का बैनर लगाया जाए, ताकि जनसहभागिता का संदेश अधिक प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण कार्यक्रमों को एक प्रेरक जनअभियान के रूप में प्रस्तुत किया जाए, जिससे अधिकाधिक नागरिक स्वयं इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित हों।

पेड़-पौधों में भी होती हैं संवेदनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चंद्र बसु ने सिद्ध किया था कि पेड़-पौधों में भी जीवन और संवेदनाएं होती हैं। इसलिए वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि प्रकृति और धरती माता के प्रति हमारी कृतज्ञता व्यक्त करने का श्रेष्ठ माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पर्याप्त वर्षा हो चुकी है और यह वृक्षारोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है। ऐसे में सभी जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिए कि प्रत्येक इकाई के साथ समन्वय स्थापित कर समय पर पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

नया कीर्तिमान स्थापित करेगा महाभियान
मुख्यमंत्री जी ने विश्वास जताया कि 12 जुलाई को आयोजित होने वाला ‘एक पेड़ माँ के नाम’ वृहद वृक्षारोपण महाभियान जनसहभागिता का नया कीर्तिमान स्थापित करेगा और उत्तर प्रदेश पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में देश के लिए एक बार फिर मिसाल बनेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button