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स्वस्थ-जगत

अजवाइन और कसूरी मेथी से बनी कुरकुरी मठरी, एक बार बनाएं और महीनेभर करें स्टोर

शाम के वक्त जब हल्की-फुल्की भूख लगती है तो चाय के कप के साथ कुछ नमकीन और क्रिस्पी खाने का मन करता है. ऐसे में अक्सर हम बाजार से पैकेट बंद नमकीन या बिस्किट ले आते हैं जो सेहत के लिए उतने अच्छे नहीं होते. क्यों न इस बार घर पर ही कुछ ऐसा बनाया जाए जो हाइजीनिक भी हो और स्वाद में भी लाजवाब. यहां हम आपको बिलकुल बाजार जैसी खस्ता मठरी की रेसिपी बता रहे हैं. अजवाइन और कस्तूरी मेथी के फ्लेवर से भरपूर यह मठरी खाने में इतनी टेस्टी होती है कि मुंह में जाते ही घुल जाती है. सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे एक बार बनाकर पूरे महीने के लिए एयर-टाइट कंटेनर में स्टोर कर सकते हैं.

मठरी को एकदम खस्ता और परफेक्ट बनाने का सबसे बड़ा राज उसके मोयन (आटे में तेल या घी मिलाना) और उसे तलने के तरीके में छुपा होता है. धीमी आंच पर तली गई मठरी अंदर तक पकती है और लंबे समय तक कुरकुरी बनी रहती है.

सामग्री:
मैदा या गेहूं का आटा: 2 कप (आप चाहें तो आधा आटा और आधा मैदा भी ले सकते हैं)

सूजी (बारीक): 2 बड़े चम्मच (एक्स्ट्रा क्रिस्पनेस के लिए)

अजवाइन: 1 छोटा चम्मच

कसूरी मेथी: 1 बड़ा चम्मच (हथेलियों से क्रश की हुई)

काली मिर्च: आधा छोटा चम्मच (हल्की कुटी हुई)

घी या तेल (मोयन के लिए): 4-5 बड़े चम्मच

नमक: स्वादानुसार

गुनगुना पानी: आटा गूंथने के लिए

तेल: मठरी तलने के लिए

बनाने की विधि:
एक बड़े बर्तन में मैदा या गेहूं का आटा निकालें. इसमें सूजी, अजवाइन (क्रश करके), कसूरी मेथी, कुटी काली मिर्च और स्वादानुसार नमक डालकर सूखी चीजों को अच्छी तरह मिला लें.

अब इसमें 4-5 चम्मच घी या तेल डालें और दोनों हाथों से आटे को अच्छी तरह रगड़ें. जब आप आटे को मुट्ठी में बांधें, तो वह एक लड्डू की तरह बंधना चाहिए. अगर ऐसा हो रहा है, तो मोयन एकदम परफेक्ट है.

अब गुनगुने पानी की बूंदें छिड़कते हुए एक बहुत ही सख्त (कड़ा) आटा गूंथ लें. इसे ज्यादा चिकना करने की जरूरत नहीं है. आटे को गीले कपड़े से ढककर 15-20 मिनट के लिए सेट होने दें.

आटे से छोटी-छोटी लोइयां तोड़ें. इन्हें हथेलियों के बीच रखकर बस चपटा कर दें (इन्हें बेलन से बेलने की जरूरत नहीं है, रफ और असमान शेप ही मठरी को असली टेक्सचर देता है). अब एक कांटे (Fork) या चाकू से मठरी में जगह-जगह छेद कर दें ताकि ये तेल में जाकर पूरियों की तरह फूलें नहीं.

कड़ाही में तेल गरम करें. ध्यान रहे कि तेल बहुत ज्यादा तेज गरम नहीं होना चाहिए, बल्कि मध्यम गरम होना चाहिए. तेल में मठरियां डालें और गैस की आंच को बिल्कुल धीमा कर दें. इन्हें धीमी आंच पर अलट-पलट कर तब तक तलें जब तक कि इनका रंग दोनों तरफ से सुंदर सुनहरा न हो जाए.

तली हुई मठरियों को टिशू पेपर पर निकालें. गरम होने पर ये थोड़ी सॉफ्ट लगेंगी, लेकिन पूरी तरह ठंडी होने के बाद ये एकदम खस्ता हो जाएंगी. ठंडी होने पर इन्हें एयर-टाइट डिब्बे में बंद करके महीनों तक चाय के साथ आनंद लें.

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