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देश

ग्रामीणों को अब 125 दिन रोजगार की गारंटी, बिहार को मिला ₹1,663.56 करोड़ का फंड

पटना
विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAMG) के तहत केंद्र सरकार ने बिहार के लिए 1,663.56 करोड़ रुपये की पहली किस्त (मदर सैंक्शन) जारी कर दी है।

यह राशि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य को पूर्व में स्वीकृत 6,715.83 करोड़ रुपये के अंतरिम बजट का हिस्सा है।

रविवार को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर इसकी जानकारी दी।

तीन माह के ल‍िए है यह राश‍ि
बैठक में बिहार ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, केंद्र से जारी यह राशि अगले तीन माह की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध कराई गई है।

राज्य सरकार इसमें अपना अंश जोड़कर पंचायतों में विकास योजनाओं को गति देगी। इससे विभिन्न विकास कार्यों के साथ-साथ अकुशल श्रमिकों को समय पर रोजगार और मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

अधिकारियों ने बताया कि VB-G RAMG योजना में पूर्व की मनरेगा की तुलना में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब पात्र अकुशल श्रमिकों को 100 दिन के बजाय 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी।

बेरोजगारी भत्‍ते का भी है प्रावधान
वहीं, यदि काम मांगने के बावजूद निर्धारित समय में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान किया गया है।

योजना के तहत पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों के वित्तपोषण की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब विकास कार्यों पर होने वाले कुल खर्च का 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि शेष राशि केंद्र देगा।

ग्रामीण विकास विभाग का मानना है कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त निवेश से ग्राम पंचायतों में आधारभूत ढांचे का विकास तेज होगा।

इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।

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