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8वें वेतन आयोग में ₹69,000 न्यूनतम वेतन की चर्चा, 4.4 फैमिली यूनिट और HRA बढ़ाने की मांग क्यों?

नई दिल्ली

8वें वित्त आयोग के पास कर्मचारी और पेंशनर्स से जुड़े संगठन लगातार सुझाव दे रहे हैं। संगठनों की तरफ से जो प्रमुख मांगें अधिक फिटमेंट फैक्टर के अलावा है वो एचआरए, फैमिली काउंच, डीए और टीटीपीए को बढ़ाना है। इन संगठनों का कहना है कि लेवल 1 और 2 के कर्मचारियों को दिल्ली जैसे शहर में मौजूदा पे स्केल पर अपनी जरूरतों को पूरा करने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। आइए जानते हैं कि क्या मांग की जा रही है?

क्या कहना है फेडरेशन का? (8th Pay Commission demands)
इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार आल इंडिया एनपीएस एप्लॉयीज फेडरेशन के प्रेसीडेंट मनजीत सिंह पटेल का कहना है कि मौजूदा समय में एंट्री लेवल पर बेसिक पे 18000 रुपये का है। इसमें एचआरए 5400 (दिल्ली जैसे शहरों के लिए) है। और टीटीपीए 2800 रुपये (जिसमें 60 प्रतिशत डीए बढ़ोतरी) मिल रहा है। मनजीत सिंह पटेल का कहना है कि मौजूदा 5400 रुपये एचआरए और 2800 रुपये टीटीपीए दिल्ली जैसे शहर के लिए पर्याप्त नहीं है। यही वजह है कि संगठन लगातार फैमिली यूनिट को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

8th pay commission: फिटमेंट फैक्टर्स भी बढ़ाने पर है जोर
36% HRA की मांग (8th Pay Commission HRA)

पटेल का कहना है कि मौजूदा खर्च को देखते हुए कर्मचारियों का एचआरए कम से कम 36 प्रतिशत कर देना चाहिए। वहीं, फैमिली काउंट 4.4 होना चाहिए। इसके अलावा 8वें वित्त आयोग से लेवल एक कर्मचारी के लिए कम से कम 9000 रुपये टीपीटीए की मांग की गई है। उनका कहना है कि 2.1 फिटमेंट फैक्टर रखने पर सैलरी में कम से कम 65 प्रतिशत का इजाफा होगा।

25 प्रतिशत डीए होने पर बेसिक पे के साथ विलय (8th Pay Commission DA)

AINPSEF ने पे कमीशन से डीए के 25 प्रतिशत होने पर बेसिक पे के साथ मर्जर की डिमांड की है। इसके अलावा इस संगठन ने 8वें पे कमीशन से फैमिली यूनिट को बढ़ाकर 5 करने की डिमांड की है। अगर ऐसा हुआ तो बेसिक कर्मचारियों का कम से कम 69000 रुपये का हो जाएगा। बता दें, लगभग सभी संगठनों की तरफ से 8वें वित्त आयोग से फैमिली काउंट को बढ़ाने की मांग हुई है।

मौजूदा समय में 3 है फैमिली काउंट (8th Pay Commission family Count)

7वें वित्त आयोग ने सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारियों के लिए फैमिली काउंट को तीन रखा था। इसमें कर्मचारी के लिए 1.0, पत्नी के लिए 0.8 और दो बच्चों के लिए 0.6-0.6 यूनिट था। AINPSEF ने फैमिली यूनिट को 4.4 करने की मांग की गई है। इसमें माता-पिता के लिए भी 0.7-0.7 यूनिट जोड़ने की डिमांड की गई है।

फैमिली यूनिट बढ़ने से क्या लाभ

अगर फैमिली यूनिट को 8वें पे कमीशन की तरफ से 4.4 किया गया तब की स्थिति में कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 2.05 गुना बढ़ेगी।

कैसे HRA बढ़ने पर बढ़ जाएगी सैलरी?

मौजूदा समय में बेसिक सैलरी 18000 रुपये है।

डीए 58 प्रतिशत जोकि 10800 रुपये होता है।

एचआरए 30 प्रतिशत जोकि 5400 रुपये होता है।

टीपीटीए 1800 + 58% = 1800 + 1800 =2880 रुपये होता है।
AINPSEF ने 2.1 फिटमेंट फैक्टर रहने की स्थिति में 37800 रुपये बेसिक पे की बात कही है।

इसमें 2 प्रतिशत डीए को जोड़ ले तो 756 रुपये महंगाई भत्ता होता है। एचआरए को अगर 36 प्रतिशत जोड़ लिया जाए तो यह 13608 रुपये होगा। बता दें, टीपीटीएए 9000 रुपये + 2% = 9180 रुपये होगा। यानी कर्मचारियों की सैलरी 37800 रुपये से बढ़कर 8वें वित्त आयोग के लागू होने के बाद 61344 रुपये तक पहुंच सकती है। यानी ओवर आल कुल 65 प्रतिशत का इजाफा हो जाएगा।

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