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उत्तर प्रदेश

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा, योगी सरकार ने इको क्लब्स के लिए ₹65.64 करोड़ की राशि जारी की

पर्यावरण संरक्षण को नई गति, योगी सरकार ने इको क्लब्स के लिए जारी की ₹65.64 करोड़ की लिमिट

– प्रत्येक परिषदीय विद्यालय को ₹5,000 की दर से उपलब्ध कराई गई लिमिट

– इको क्लब्स के गठन, कार्य एवं दायित्व, मासिक गतिविधि कैलेंडर और सुझावात्मक गतिविधियां भी जारी

– जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, ई-वेस्ट प्रबंधन और सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त अभियान पर रहेगा विशेष फोकस

लखनऊ, 
 योगी सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को नई गति देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में समग्र शिक्षा अंतर्गत 'इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' की गतिविधियों के क्रियान्वयन हेतु लगभग ₹65.64 करोड़ (₹6563.95 लाख) की लिमिट जारी कर दी है। इसके अंतर्गत प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों को ₹5,000 प्रति विद्यालय की दर से लिमिट उपलब्ध कराई जाएगी।

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों, सहायक लेखा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों एवं जिला समन्वयकों को निर्देश दिए हैं कि जारी की गई लिमिट का तीन दिन के भीतर विद्यालयों को हस्तांतरण सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही इको क्लब्स के उद्देश्य, गठन, अधिसूचना, कार्य एवं दायित्व, मासिक गतिविधि कैलेंडर तथा सुझावात्मक गतिविधियों के अनुरूप समयबद्ध क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जाए। 

निर्धारित मदों में होगा लिमिट का उपयोग
प्रत्येक विद्यालय को उपलब्ध कराई गई ₹5,000 की लिमिट का उपयोग निर्धारित मदों में किया जाएगा। इसमें इको क्लब की गतिविधियां, जागरूकता कार्यक्रम, पौधरोपण, कम्पोस्ट निर्माण, आवश्यक शिक्षण सामग्री, स्टेशनरी तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अन्य गतिविधियां शामिल हैं। विद्यालयों को निर्धारित वित्तीय मानकों का पालन करते हुए व्यय करना होगा तथा सभी खर्च के अभिलेख सुरक्षित रखना होगा।

अभिभावकों, स्थानीय निकायों तथा समुदाय की भागीदारी पर विशेष बल
योगी सरकार ने विद्यालय प्रबंधन समिति, अभिभावकों, स्थानीय निकायों तथा समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया है। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को विद्यालय परिसर से बाहर समाज तक पहुंचाने का भी लक्ष्य रखा गया है। सभी विद्यालयों को इको क्लब गठन, गतिविधियों, फोटो, वीडियो तथा प्रगति रिपोर्ट निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं जिला स्तर के अधिकारी नियमित समीक्षा करेंगे।

प्रत्येक विद्यालय में गठित होगा इको क्लब
निर्देशों के अनुसार सभी पात्र प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ का गठन किया जाएगा। प्रधानाध्यापक क्लब के संरक्षक होंगे, जबकि एक शिक्षक को प्रभारी बनाया जाएगा। विभिन्न कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को क्लब से जोड़कर उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। क्लब की अधिसूचना जारी होगी, उसका पंजीकरण निर्धारित पोर्टल पर कराया जाएगा तथा विद्यालय स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक गतिविधि का अभिलेखीकरण और समय-समय पर उसकी समीक्षा भी की जाएगी।

मिशन लाइफ के सात विषयों पर होगा विशेष फोकस
इको क्लब्स के माध्यम से विद्यार्थियों को लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (मिशन लाइफ) के सात प्रमुख विषयों से जोड़ा जाएगा। इनमें स्वस्थ एवं सतत जीवनशैली अपनाना, टिकाऊ खाद्य प्रणाली को बढ़ावा देना, जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, कचरा कम करना एवं पुनर्चक्रण, ई-वेस्ट प्रबंधन तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाना शामिल है। उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल व्यवहार को बढ़ावा देना है।

मासिक कैलेंडर के अनुसार चलेंगी गतिविधियां
आदेश के साथ जुलाई से मार्च तक का विस्तृत गतिविधि कैलेंडर भी साझा किया गया है। जुलाई में पौधरोपण एवं हरित परिसर, अगस्त में किचन गार्डन और कम्पोस्ट निर्माण, सितंबर में ई-वेस्ट प्रबंधन, अक्टूबर में कचरा पृथक्करण एवं पुनर्चक्रण, नवंबर में ऊर्जा संरक्षण, दिसंबर में जल संरक्षण, जनवरी में सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त अभियान तथा फरवरी और मार्च में स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण एवं विश्व जल दिवस से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त पोस्टर, निबंध, चित्रकला, प्रश्नोत्तरी, रैली, शपथ, प्रदर्शनी और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों तथा समुदाय को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। विद्यालय स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अतिरिक्त गतिविधियां भी आयोजित कर सकेंगे।

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