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उत्तर प्रदेश

रोजगारपरक शिक्षा पर बड़ा कदम, 15 जुलाई तक शुरू होंगी कक्षाएं

लखनऊ
उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ने की मुहिम तेज हो गई है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में "प्रोजेक्ट प्रवीण" के अन्तर्गत अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण के लिए लक्ष्य आवंटित कर दिए गए हैं।

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि सरकार का मुख्य ध्येय है कि प्रदेश का कोई भी युवा हुनर से वंचित न रहे। 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के जरिए हम राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी और व्यावसायिक क्षेत्रों में मजबूत कर रहे हैं।

बैच में अधिकतम 35 प्रशिक्षणार्थियों की सीमा तय
इस योजना के तहत आईटी (आईटी-आईटीईएस), हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, अपैरल, ब्यूटी एंड वेलनेस और कृषि जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर्स में प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रत्येक बैच में अधिकतम 35 प्रशिक्षणार्थियों की सीमा तय की गई है। इससे बच्चों को प्रयोगात्मक और व्यावहारिक ज्ञान बेहतर ढंग से मिल सकेगा। इस वर्ष प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत प्रदेश भर में कुल 36103 प्रशिक्षणार्थियों को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

प्रदेश के विभिन्न जिलों आगरा, बरेली, आजमगढ़, ललितपुर, वाराणसी, रामपुर, शाहजहांपुर, जालौन और सोनभद्र सहित राज्य के राजकीय विद्यालयों में सूची बद्ध प्रशिक्षण प्रदाताओं को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रमुख सेक्टर में आईटी-आईटीईएस, हेल्थकेयर, अपैरल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी एंड वेलनेस, मैनेजमेंट, ग्रीन जॉब्स और एग्रीकल्चर शामिल हैं। पाठ्यक्रम की अधिकतम अवधि 300 घंटे होगी।

15 जुलाई तक कक्षाओं का संचालन शुरू हो जाएगा
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे  के अनुसार सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को सख्त समय-सीमा का पालन करना होगा। प्रशिक्षण प्रदाताओं को केंद्र की स्थापना, पंजीकरण और बैच निर्माण की प्रक्रिया पूरी कर 15 जुलाई तक हर हाल में कक्षाओं का संचालन शुरू करना होगा।

बैच शुरू होने के 07 कार्य दिवसों के भीतर सभी छात्र-छात्राओं को पाठ्य सामग्री का वितरण कर उसकी तस्वीरें मिशन पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। यदि कोई प्रशिक्षण प्रदाता समय पर कार्य आरंभ नहीं करता है या जिला स्तर से किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त विधिक कार्यवाही की जाएगी।

 

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