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धनबाद BCCL में फर्जी हाजिरी मामले की विजिलेंस जांच में अनियमितताएं उजागर, विभागीय कार्रवाई शुरू

धनबाद
 BCCL Biometric Attendance Fraud भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में कथित हेराफेरी का मामला अब गंभीर प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया है। बीसीसीएल एरिया-12 स्थित दहीबाड़ी एनएलओसीपी बंसतीमाता में फर्जी बायोमेट्रिक हाजिरी के मामले में विजिलेंस जांच के बाद एजेंट देवाशीष चक्रवर्ती और क्लर्क समीर मांझी को शोकाज नोटिस जारी करने के साथ चार्जशीट भी दी गई है।

बीसीसीएल जीएम संजय कुमार सिंह ने शुक्रवार को बताया कि दो दिन पहले ही पत्र जारी किया गया है। साथ ही विभागीय कार्रवाई शुरू होने की पुष्टि की है। इससे कंपनी को लाखों रूपया का चुना लगा है।

श्रमिकों की शिकायत से खुला पूरा मामला
पूरे प्रकरण की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई शिकायत से हुई थी, जिसमें 64 श्रमिकों की बायोमेट्रिक हाजिरी पर सवाल उठाए गए थे। विजिलेंस जांच में अधिकांश मामलों में उपस्थिति सही पाई गई, लेकिन सात मामलों में अनियमितता की पुष्टि हुई। इन्हीं मामलों के आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।

घायल मजदूर को इंज्यूरी लीव देने के बजाय लगा दी हाजिरी
जांच में सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि कार्यस्थल पर घायल हुए एक श्रमिक को नियमानुसार इंज्यूरी लीव देने के बजाय उसकी सामान्य उपस्थिति दर्ज कर दी गई। इससे न केवल कंपनी के नियमों का उल्लंघन हुआ बल्कि घायल कर्मचारी के वैधानिक अधिकार भी प्रभावित हुए। विजिलेंस ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक माना है। बताया जाता है कि भोलानाथ कुंभकार इंज्यूरी लीव देना था।

एजेंट-क्लर्क पर कार्रवाई, हाजिरी बाबू और इंचार्ज पर सवाल
चांच विक्टोरिया क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार सिंह ने पुष्टि की कि संबंधित एजेंट और क्लर्क को दो दिन पहले ही शोकाज एवं चार्जशीट जारी कर दी गई है। समीर मांझी एजेंट का आईडी उपयोग के कारण इस मामले में संद्दिगध है। उसने विजिलेंस को इसकी लिखित भी दिया है।

हालांकि, कर्मचारियों के बीच इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि हाजिरी तैयार करने वाले बाबू और संबंधित इंचार्ज पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई, जबकि पूरी प्रक्रिया उनकी निगरानी में संचालित होती है।

बसंतीमाता-दाहिबारी में भी सामने आईं गंभीर अनियमितताएं
इसी बीच बीसीसीएल की बसंतीमाता-दाहिबारी कोलियरी की आंतरिक जांच रिपोर्ट ने भी बायोमेट्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार आठ कर्मचारियों की उपस्थिति 'चेहरा नहीं पहचाना गया' श्रेणी में मैन्युअल रूप से दर्ज की गई।

इनमें एक केबलमैन की लगातार 138 दिनों तक मैन्युअल हाजिरी दर्ज होने का मामला सामने आया है। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि सभी प्रविष्टियां एक ही एसएपी आईडी से की गईं, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

138 दिन तक मैन्युअल हाजिरी ने बढ़ाए संदेह
रिपोर्ट के मुताबिक भोलानाथ कुंभकार की 138, उत्तम बौरी की 45, असीम बौरी की 41, अशोक कुमार दास की 37, बुधराम बीपी की 28, सतिनाथ माझी एवं संतु मुखर्जी की 25-25 तथा लखिकांता गोराई की 19 मैन्युअल उपस्थिति दर्ज की गई। भोलानाथ कुंभकार के मामले में कारण 'बाल कटवाने या हटाने के कारण चेहरा नहीं पहचाना गया' बताया गया है। हालांकि इतनी लंबी अवधि तक मैन्युअल उपस्थिति दर्ज होना सामान्य प्रक्रिया नहीं माना जा रहा है।

बसंतीमाता-दाहिबारी कोलियरी के दो क्लर्कों का तबादला
बीसीसीएल के चांच विक्टोरिया एरिया-12 में प्रशासनिक आधार पर बसंतीमाता-दाहिबारी कोलियरी के स्टोर विभाग में कार्यरत दो क्लर्कों का तबादला कर दिया गया है। महाप्रबंधक कार्यालय, बराकर से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार संदीप श्रीवास्तव और योगेश राजभर को तत्काल प्रभाव से सीवी एरिया आफिस में पदस्थापित किया गया है।

प्रशासनिक कारणों से किए गए इस तबादले को सामान्य प्रक्रिया बताया गया है, लेकिन हाल के दिनों में बायोमेट्रिक उपस्थिति से जुड़े मामलों के बीच स्टोर विभाग से एक साथ दो क्लर्कों के तबादले को लेकर कर्मचारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है।

जीएम संजय सिंह ने कहा कि इनके खिलाफ भी कई तरह की शिकायतें मिली है। जिस पर प्रबंधन व विजिलेंस विभाग की नजर है। ये दोनों स्टोर में कार्यरत है। इनके कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है।

 

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