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मध्यप्रदेश

उज्जैन के कालभैरव मंदिर में नई व्यवस्था की तैयारी, श्रावण से अलग-अलग कतारों में होंगे दर्शन

 उज्जैन
श्रावण महीने की शुरुआत से कालभैरव मंदिर में दर्शन व्यवस्था बदल सकती है। मंदिर प्रबंध समिति अभी से तैयारी कर रही है।कुछ दिनों पहले ही मंदिर में 500 रुपए सशुल्क वीआईपी दर्शन की व्यवस्था भी शुरू की गई है। ऐसे में अभी मंदिर में निःशुल्क सामान्य व सशुल्क दर्शनार्थियों के लिए अलग-अलग दो कतार लगाई जा रही है। इनमें से सशुल्क दर्शन वाली कतार में ही प्रोटोकॉल व वीआईपी वाले श्रद्धालुओं को भी दर्शन करवाए जा रहे हैं। इससे सुविधा बनाने में मुश्किलें हो रही हैं, क्योंकि इस कतार वाले सभी श्रद्धालुओं को गर्भगृह से दर्शन करवाने होते हैं। अगले महीने 30 जुलाई से सावन महीने की शुरुआत होने जा रही है। ऐसे में समिति यहां की दर्शन व्यवस्था को और भी सरल बनाने की तैयारी कर रही है।

यह है समिति की प्लानिंग
दर्शन की नई प्लानिंग यह की जा रही है कि दो की बजाय दर्शन के लिए तीन कतार का प्रबंध किया जाएगा। इनमें से पहली कतार निःशुल्क सामान्य दर्शनार्थियों के लिए रहेगी। दूसरी कतार 500 रुपए सशुल्क वाले दर्शनार्थियों के लिए और तीसरी कतार प्रोटोकॉल- वीआईपी वाले श्रद्धालुओं के लिए। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एलएन गर्ग पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि व्यवस्थाओं में परिवर्तन करेंगे और ऑनलाइन पर भी जोर देंगे।

श्रावण में बढ़ेगी भीड़
श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने के बाद अधिकांश श्रद्धालु कालभैरव मंदिर में दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में इस मंदिर में भी भीड़ का दबाव रहता है।
महाकाल दर्शन रूट पर भी बदलाव की तैयारी

श्रावण माह की शुरुआत और महाकाल लोक में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को ट्रैफिक डीएसपी दिलीपसिंह परिहार और थाना प्रभारी इंद्रपाल सिंह की उपस्थिति में ऑटो व ई-रिक्शा संघ के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।

बैठक में सर्वसम्मति बनी है कि बेगमबाग-हरिफाटक से नीलकंठ मार्ग पर लगने वाले जाम से मुक्ति के लिए अब इस रूट पर ऑटो और ई-रिक्शा का प्रवेश बंद करना जरूरी है। डीएसपी परिहार ने बताया कि इस प्रस्ताव को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर के समक्ष अंतिम नोटिफिकेशन के लिए रखा जाएगा।

मंदिर जाने के लिए दो वैकल्पिक मार्ग तय (साइड बॉक्स)

    रूट नंबर 1: हरिफाटक- बेगमबाग के बजाय ऑटो व ई-रिक्शा गऊघाट और यंत्र महल के रास्ते होते हुए श्रद्धालुओं को नृसिंह घाट छोड़ेंगे।

    रूट नंबर 2: हरिफाटक ब्रिज टी-पॉइंट से इंटरप्रिटेशन सेंटर होते हुए ई-रिक्शा सीधे चारधाम तक जा सकेंगे।

(नोट- यदि किसी श्रद्धालु या स्थानीय नागरिक को ई-रिक्शा व ऑटो से गोपाल मंदिर की तरफ जाना है, तो ऑटो व ई-रिक्शा चालक दौलतगंज के रास्ते का उपयोग कर तोपखाना होते हुए जा सकेंगे।)

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