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देश

‘विकास भी, विरासत भी’ के तहत आबूराज का होगा समग्र और इको-फ्रेंडली विकास

जयपुर
 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आबूराज के पर्यटन, आध्यात्मिक एवं पर्यावरणीय विशिष्टताओं के अनुरूप सर्वांगीण विकास का ब्लूप्रिंट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास कार्यों को परस्पर समन्वय के साथ समयबद्ध रूप से पूरा करने के साथ ही संभागीय आयुक्त एवं मुख्य सचिव को निरंतर मॉनिटरिंग के लिए निर्देशित भी किया

मुख्यमंत्री रविवार को आबूराज में आबूपर्वत विकास समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आबूराज में शहरी विकास, सड़क, पार्किंग, आवागमन के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि अधिक से अधिक पर्यटकों का आगमन हो। उन्होंने अधिकारियों को नक्की झील के सौंदर्यकरण, प्रकाश व्यवस्था, रंग रोगन, सीढ़ियों की मरम्मत, सीवरेज सहित विभिन्न विकास कार्यों के संबंध में विशेष रूप से निर्देशित किया।

उन्होंने कहा कि आबूराज ऋषि-मुनियों की भूमि रही है। यहां धार्मिक पर्यटन को नई गति प्रदान करने के लिए मंदिरों का सूचीकरण किया जाए। मुख्यमंत्री ने आबूराज को क्लीन एवं ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर देते हुए इसे स्वच्छता युक्त एवं अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के संबंध में निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि आबूराज की सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय विशिष्टता को संरक्षित रखते हुए टोकन कार्य में ऑनलाइन प्रणाली को पूर्ण पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए और निर्माण सामग्री के आवागमन पर निगरानी रखी जाए।

‘विकास भी, विरासत भी’ के मूल मंत्र पर आबूराज का हो रहा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आबूराज में ‘विकास भी, विरासत भी‘ के मूल मंत्र पर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विवेकानंद पार्क का सौंदर्यकरण, गुरु शिखर का सौंदर्यकरण एवं सुदृढ़ीकरण, अर्बुदा माता मंदिर एवं दत्तात्रेय मंदिर के विकास कार्यों, ईवी व्हीकल को बढ़ावा देने और भारत माता नमन स्थल को नमो उद्यान के रूप में विकसित करने सहित विभिन्न विकास कार्यों से आबूराज इको फ्रेंडली, क्लीन-ग्रीन एवं स्पिरिचुअल बन सकेगा। इन सभी सहित विभिन्न 100 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों पर उन्होंने दिशा-निर्देश प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने पूर्व बैठकों में दिए गए निर्देशों की प्रगति की भी समीक्षा करते हुए कहा कि आबू पर्वत विकास समिति की नियमित बैठक आयोजित की जाएगी।

बैठक में पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटा राम देवासी, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री केके विश्नोई, सांसद मदन राठौड़, लुंबाराम चौधरी, विधायक समाराम, मुख्य सचिव वी श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन एवं पर्यावरण आनंद कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव, नगरीय विकास आलोक गुप्ता, स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन, पर्यटन विभाग की शासन सचिव शुचि त्यागी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। वहीं, संबंधित मंत्रीगण एवं विभागीय अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े। इससे पहले मुख्यमंत्री ने यहां विकास कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

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