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विदेश

इजरायल ने फिर दिखाई सख्ती, दक्षिण लेबनान में एयरस्ट्राइक; ईरान-अमेरिका समझौते पर उठे सवाल

 मरकबा 
ईरान-अमेरिका डील को फाइनल हुए 24 घंटा भी नहीं गुजरा है कि इजरायल ने लेबनान पर फिर से हमला कर दिया है. ईरान की न्यूज एजेंसी IRIB ने लेबनान के अपने सूत्रों के हवाले से दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई और आर्टिलरी हमलों की रिपोर्ट दी है. IRIB का दावा है कि इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के जवतार, मरकबा और खियाम शहर पर हमला किया है. बताया जा रहा है कि इजरायल ने हवाई हमले और आर्टिलरी शेलिंग दोनों किए हैं। 

हालांकि इजरायल के ताजा हमलों में किसी के हताहत होने की तुरंत कोई जानकारी नहीं मिली है. सीजफायर बनाए रखने की डिप्लोमैटिक कोशिशों के बावजूद इज़रायल-लेबनान बॉर्डर पर ये हमले हुए हैं. लोकल अधिकारी और लेबनानी मीडिया हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। 

इस बीच दक्षिणी लेबनान के अधिकारियों ने इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच तीन महीने से चल रही लड़ाई से बेघर हुए लोगों को चेतावनी दी है कि वे जल्दबाज़ी में घर न लौटें.  गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका ने सोमवार को इस डील पर सहमति जताई है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि शांति समझौता लागू होने के साथ ही लेबनान समेत सभी मोर्चों पर फायरिंग बंद हो जाएगी. लेकिन IRIB के दावे के अनुसार लेबनान पर इजरायल ने फिर हमला किया है। 

इधर इजरायल का भी कहना है कि वह दक्षिण लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाएगा और न ही कब्जा की हुई जमीनों को खाली करेगा। 
लेबनान में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष का सबसे घातक असर देखने को मिला है. इजरायल के अनुसार, इसमें हज़ारों लोग मारे गए हैं. इजरायल का दावा है कि इनमें ज्यादातर आतंकी थे. इधर ईरान समर्थित आतंकी समूह के खिलाफ इज़राइल के हमले के कारण लगभग 12 लाख लोग बेघर हो गए हैं. इस समूह ने 2 मार्च को तेहरान के समर्थन में इजरायल पर गोलीबारी की थी। 

इस बीच इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेन-ग्विर ने कहा है कि ट्रंप का समझौता इजरायल पर बाध्य नहीं है. उन्होंने कहा कि इज़रायल अमेरिका के अधीन नहीं है, और हम एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र हैं.बेन ग्विर ने कहा, "जब भी हमने इजरायल की सुरक्षा की कीमत पर अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे घुटने टेके, हमें उसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी. ओस्लो समझौते के समय भी ऐसा ही हुआ, 2006 के लेबनान समझौते में भी यही हुआ और गाजा में नियंत्रण की हर कोशिश के दौरान भी यही हुआ, जिसका नतीजा हमारे लिए बहुत बुरा रहा। 

इजरायल ने कहा है कि वो लेबनान पर कब्जा की गई जमीनों को फिलहाल वापस नहीं लौटाने वाला है। 

 

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