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पेयजल संकट से राहत: एक दिन में 3 हजार से ज्यादा शिकायतों का निस्तारण

जयपुर
प्रदेशवासियों को पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार लगातार सक्रिय और संवेदनशील रूप से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों, प्रभावी मॉनिटरिंग और जनहित सर्वोपरि की सोच के अनुरूप जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) द्वारा संचालित विशेष राज्यव्यापी अभियान प्रदेशभर में राहत का मजबूत आधार बनकर उभरे हैं। इन अभियानों के माध्यम से न केवल हजारों पेयजल समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया है, बल्कि गर्मी के इस चुनौतीपूर्ण दौर में लाखों लोगों तक निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है।

एक ही दिन में 3 हजार से अधिक समस्याओं का निस्तारण, टीमों ने दिखाई असाधारण तत्परता
शनिवार को आयोजित आठवें विशेष अभियान के दौरान विभागीय टीमों ने शहरों से लेकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक जल स्रोतों, पाइपलाइन नेटवर्क और जलापूर्ति व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण किया। अभियान के तहत 718 खराब हैंडपंपों को पुनः चालू किया गया, 612 पाइपलाइन लीकेज दुरुस्त किए गए, 226 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया तथा 265 क्षेत्रों में बाधित जलापूर्ति बहाल की गई। इसके अतिरिक्त कम अवधि की जलापूर्ति, कम सप्लाई और प्रदूषित जल संबंधी शिकायतों का भी त्वरित निस्तारण किया गया। कुल मिलाकर एक ही दिन में 3,010 पेयजल संबंधी कार्य पूर्ण कर विभाग ने अपनी प्रतिबद्धता और कार्यकुशलता का परिचय दिया।

तकनीकी टीमों की तत्परता से 2987 शिकायतों का मौके पर समाधान
आठवें अभियान के दौरान तकनीकी टीमों ने समन्वित एवं त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 2987 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया। विभाग की सक्रियता के कारण आमजन को तत्काल राहत मिली और पेयजल संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान संभव हो सका।

विशेष अभियानों से पेयजल व्यवस्था में आया व्यापक बदलाव
5 अप्रैल से 13 जून तक संचालित आठ विशेष राज्यव्यापी अभियानों के दौरान प्रदेशभर में कुल 22 हजार 396 पेयजल संबंधी कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। इनमें 4 हजार 484 हैंडपंपों की मरम्मत, 2 हजार 848 पाइपलाइन लीकेज की दुरुस्ती, 1 हजार 445 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान तथा 1 हजार 655 बाधित जलापूर्ति मामलों का निस्तारण शामिल है। इसके अलावा 8 हजार 238 अन्य सुधारात्मक कार्यों के माध्यम से पेयजल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं भरोसेमंद बनाया गया है।

अवैध जल कनेक्शनों पर सख्ती से जल संरक्षण को मिला नया संबल
जल संरक्षण और संसाधनों के समुचित प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने अवैध जल उपयोग के खिलाफ भी व्यापक अभियान चलाया। विशेष कार्रवाई के तहत 359 अवैध जल कनेक्शन हटाए गए, जिनमें होटल, ढाबे तथा कृषि कार्यों में उपयोग किए जा रहे कनेक्शन शामिल थे। अब तक आठ अभियानों में कुल  2 हजार 186 अवैध जल कनेक्शन हटाए जा चुके हैं, जिससे जल की बर्बादी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है और आमजन के लिए उपलब्ध जल संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।

ग्रामीण अंचलों में मजबूत हुई जलापूर्ति, हजारों परिवारों को राहत
हैंडपंपों और पाइपलाइनों की मरम्मत के साथ-साथ  आठवें अभियान में 578 अन्य सुधारात्मक कार्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की है। इन प्रयासों से हजारों परिवारों को गर्मी के इस कठिन दौर में राहत मिली है तथा जलापूर्ति की गुणवत्ता और उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।

30 जून तक जारी रहेगा विशेष राहत अभियान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में पेयजल व्यवस्थाओं को मजबूत बनाए रखने के लिए विशेष राज्यव्यापी अभियान 30 जून तक निरंतर संचालित किए जाएंगे। इन अभियानों का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ, पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना तथा गर्मी के मौसम में किसी भी नागरिक को पेयजल संकट का सामना न करने देना है।

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