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मध्यप्रदेश

भोजशाला को मिलेगी नई पहचान, बनेगा भव्य सरस्वती लोक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोजशाला में बनेगा भव्य सरस्वती लोक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राजा भोज की कर्मस्थली धार में होगी भोज शोध संस्थान की स्थापना
भोजशाला के लिए आंदोलन में शहादत देने वाले शहीदों के परिजन को राज्य सरकार देगी आर्थिक सहायता
किसानों को गेहूँ उपार्जन के लिए किया जा चुका है 25 हजार 97 करोड़ रुपए का भुगतान
ग्लोबल स्किल पार्क के विद्यार्थियों का हंगरी में रोजगार के लिए हुआ चयन
प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 9 लाख 67 हजार किलोग्राम दूध का हो रहा है संकलन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित

धार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार स्थित भोजशाला परिसर में राज्य सरकार भव्य सरस्वती लोक बनायेगी। धार में राजा भोज संस्थान की स्थापना भी की जायेगी। राजा भोजपाल द्वारा धार में स्थापित भोजशाला सदियों तक ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान और संस्कृत भाषा का सबसे प्रखर केन्द्र रहा है। भोजशाला में दूर-दूर से विद्यार्थी और विद्वान ज्ञान अर्जित करने और शास्त्रों पर विमर्श करने आते थे। राज्य सरकार भोजशाला के उसी गौरवशाली अतीत को पुनर्जीवित करने के लिए सभी जरूरी प्रयास करेगी। राजा भोज की कर्मस्थली धार में राजा भोज शोध संस्थान की भी स्थापना की जायेगी। भोजशाला के लिए हुए आंदोलन में शहादत देने वाले तीन शहीदों स्व. बनसिंह, स्व. अंतरसिंह एवं स्व. लक्मण सिंह के निकटतम परिजन को राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में ये विचार व्यक्त किए। प्रदेश में गेंहूँ उपार्जन के नए रिकार्ड के लिए, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।

प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 26 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं। देशवासियों की आशा के प्रतीक प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में भारत ने विकास के साथ आत्मनिर्भरता, सुरक्षा, सांस्कृतिक गौरव, डिजिटल क्रांति और वैश्विक नेतृत्व के नए आयाम स्थापित किए हैं। अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा है। राष्ट्र प्रथम की भावना से GYAN मंत्र में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के उत्थान तक, सीमाओं की सुरक्षा से नक्सल व आतंक मुक्त भारत के निर्णायक परिणाम तक, भारत ने अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी।

समान नागरिक संहिता के संबंध में 15 जून तक दिए जा सकेंगे सुझाव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समान नागरिक संहिता के संबंध में सुझाव प्राप्त करने के लिए वेबसाईट निर्माण की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि जिलों में उच्च स्तरीय समीति द्वारा भ्रमण किया जा रहा है, जहां जन सामान्य, राजनीतिक दल, गैर शासकीय संगठन आदि इस संबंध में अपना मत प्रस्तुत करेंगे। सुझाव देने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्री परिषद के सदस्यों को यूसीसी के लिये बनी इस उच्च स्तरीय समिति और इसके कार्यों तथा वेबसाईट का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे हमें अधिक से अधिक सुझाव प्राप्त हो सकेंगे।

प्रदेश के आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मॉडल से युवाओं को विदेश में मिल रहे हैं रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में विकसित हो रहा कौशल तंत्र अब युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय रोजगार अवसरों से भी जोड़ रहा है। संस्थान के बैच-9 के 3विद्यार्थियों का चयन हंगरी में रोजगार के लिए हुआ है। चयनित विद्यार्थी हंगरी पहुंचकर अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन प्रारंभ कर चुके हैं। इस वर्ष माह अप्रैल-मई 2026 में 16 कम्पनियों में 236 युवाओं को प्लेसमेंट मिला है। यह उपलब्धि प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मॉडल और उद्योगोन्मुख शिक्षा व्यवस्था को रेखांकित करती है।

वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए का भुगतान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 9 लाख 67 हजार किलोग्राम औसत दुग्ध संकलन की उपलब्धि दर्ज हुई है। दुग्ध संघों ने दुग्ध उत्पादक किसानों को गत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक राशि का भुगतान किया गया है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मार्गदर्शन में हुए कार्यों से वर्ष 2024-25 में 1398 करोड़ रूपए की तुलना में वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए की राशि के भुगतान में सफलता मिली है। दुग्ध उत्पादकों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रणाली अपनाई गई है। विभिन्न दुग्ध संघों में खरीद मूल्य में 2.50 से 8.50 रूपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई है।

13 लाख 42 हजार किसानों द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूँ का विक्रय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम मध्य एशिया की विषम परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश में सफलतापूर्वक गेहूँ उपार्जन का कार्य पूर्ण किया गया। प्रदेश में 104.36 लाख मेट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूँ के समर्थन मूल्य राशि 2585 रूपए प्रति क्विंटल के अतिरिक्त 40 रूपए प्रति क्विंटल की दर से राज्य सरकार द्वारा बोनस दिया गया। कुल 2625 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया गया, जिससे राज्य के किसानों को समर्थन मूल्य की राशि के अतिरिक्त राशि 417 करोड़ रूपए प्राप्त होगी। कोविड-19 को छोड़कर प्रदेश में विगत 10 वर्षों में इस वर्ष सर्वाधिक 104.36 लाख मीट्रिक टन गेंहूँ का उपार्जन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समर्थन मूल्य पर 13 लाख 42 हजार किसानों द्वारा गेहूँ का विक्रय किया गया, जो कि गेहूँ विक्रय करने वाले किसान संख्या की दृष्टि से पूरे भारत में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश, पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। प्रदेश में पहली बार लघु एवं सीमांत कृषकों को गेहूँ विक्रय करने का अवसर प्रदान किया गया। सप्ताह में 05 दिन के स्थान पर 06 दिन (शनिवार को भी) गेहूँ का उपार्जन किया गया है। किसानों को 25,096.99 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है और शेष भुगतान प्रचलित है।

जल गंगा संवर्धन अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से 30 जून 2026 तक क्रियान्वियत हो रहा है। इसके अंतर्गत 6 हजार 330 करोड़ रुपये से 2 लाख से अधिक महत्वपूर्ण संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण हुए हैं और 1 लाख 51 हजार कार्य प्रगतिरत हैं। रिकॉर्ड 57 हजार 794 खेत तालाब और 91 हजार 838 डग वेल रिचार्ज (कुआं पुनर्भरण) संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार किया गया है। पारंपरिक और नए जल स्रोतों को सहेजने के लिये 29,906 जल संरक्षण एवं पुनर्भरण संरचनाओं का कार्य पूर्ण किया गया है। प्रदेश में 126 भव्य 'अमृत सरोवरों का कार्य शत्-प्रतिशत पूरा किया जा चुका है।

मंगोलिया में श्रद्धालु करेंगे भगवान बुद्ध के परम शिष्यों के पवित्र अवशेषों के दर्शन, सांची स्तूप के प्रति बढ़ेगी वैश्विक रूचि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल पर सांची स्तूप से भगवान बुद्ध के परम शिष्य अरिहंत, सारिपुत्र एवं महामोद्ल्यायन के पवित्र अवशेष सार्वजनिक दर्शन के लिये मंगोलिया भेजे गये हैं। मंगोलिया की राजधानी उलानबातर में 31 मई 2026 से शुरू हुई यह प्रदर्शनी लगभग 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं, भिक्षुओं और पर्यटकों को आकर्षित करेगी। इससे भारत के बौद्ध तीर्थ सर्किट, विशेषकर सांची जैसे स्थलों में वैश्विक रुचि बढ़ेगी।

राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड, व्यापारी समुदाय के कल्याण में होगा सहायक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। इससे व्यापारी समुदाय के कल्याण, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहतर वातावरण निर्मित करने और प्रदेश के निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

 

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