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विदेश

F-15 दुर्घटना पर बड़ा खुलासा: चीन-ईरान सैन्य सहयोग पर उठे सवाल

 नई दिल्ली

 ईरान के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में पिछले महीने दुर्घटनाग्रस्त हुए अमेरिकी F-15 फाइटर जेट को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस लड़ाकू विमान को चीन निर्मित शोल्डर-फायर्ड मिसाइल (MANPADS) से निशाना बनाया गया हो सकता है।

NBC News की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने ईरान को संघर्ष के दौरान अतिरिक्त सैन्य सहायता भी दी हो सकती है। इसमें स्टेल्थ एयरक्राफ्ट तकनीक और लंबी दूरी की रडार प्रणालियां शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इन प्रणालियों की मदद से ईरान को F-15E स्ट्राइक ईगल जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों को ट्रैक करने में मदद मिली होगी।

ट्रंप ने भी कहा था- मिसाइल से गिरा जेट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने उस समय कहा था कि विमान को एक शोल्डर-लॉन्च्ड मिसाइल से मार गिराया गया। MANPADS छोटे पोर्टेबल मिसाइल सिस्टम होते हैं, जिन्हें कंधे पर रखकर दागा जा सकता है और इनका इस्तेमाल कम ऊंचाई पर उड़ रहे विमानों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है।

36 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
विमान गिरने के बाद दोनों क्रू मेंबर्स की तलाश के लिए 36 घंटे तक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया गया। दोनों ने हादसे से पहले इजेक्ट कर अपनी जान बचा ली थी। पेंटागन के मुताबिक, पायलट को करीब 7 घंटे में सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि दूसरे अधिकारी वेपन्स सिस्टम्स ऑफिसर को बचाने में लगभग दो दिन लग गए। वह ईरान के ज़ाग्रोस पर्वतीय इलाके में छिपा रहा, जिसके बाद उसे सुरक्षित निकाला गया

अमेरिका कर रहा जांच
अमेरिकी अधिकारी अभी भी जांच कर रहे हैं कि अप्रैल में यह लड़ाकू विमान आखिर कैसे गिराया गया। रिपोर्ट के अनुसार, यदि यह पुष्टि होती है कि अमेरिकी जेट दुश्मन की गोलीबारी से गिराया गया, तो यह दशकों में पहली ऐसी घटना होगी।

चीन-ईरान संबंधों पर बढ़ेगी चिंता
रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि चीन ने ईरान को यह सैन्य उपकरण कब उपलब्ध कराए। लेकिन यदि ईरान वास्तव में चीनी हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है, तो इससे अमेरिका-चीन संबंधों में और तनाव बढ़ सकता है।

अमेरिका पहले ही चीन पर ईरान को चीनी सैटेलाइट सेवाओं तक पहुंच देने का आरोप लगा चुका है। वॉशिंगटन का कहना है कि इससे ईरान को अमेरिकी सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिल सकती है। इसी आरोप के बाद अमेरिका ने तीन चीनी सैटेलाइट कंपनियों पर प्रतिबंध भी लगाए थे। हालांकि चीन ने इन आरोपों को खारिज किया है।

ट्रंप बोले- शी जिनपिंग ने दिया भरोसा
इसी महीने डोनल्ड ट्रंप ने Fox News से बातचीत में कहा था कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि चीन ईरान को हथियार नहीं भेज रहा। ट्रंप ने कहा, "राष्ट्रपति शी ने मुझसे वादा किया है कि चीन ईरान को कोई हथियार नहीं भेज रहा। यह एक खूबसूरत वादा है और मैं उनकी बात पर भरोसा करता हूं।"

 

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