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खेल-जगत

बुडापेस्ट में PSG का जलवा, आर्सेनल को शूटआउट में हराकर यूरोप पर फिर कब्जा

नई दिल्ली

पेरिस सेंट जर्मेन (PSG) ने साबित कर दिया कि पिछले साल की चैम्पियंस लीग जीत कोई संयोग नहीं थी. 30 मई (शनिवार) को बुडापेस्ट के पुस्कास एरिना में खेले गए बेहद रोमांचक फाइनल में पीएसजी ने आर्सेनल को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर लगातार दूसरी बार UEFA चैम्पियंस लीग ट्रॉफी अपने नाम कर ली. निर्धारित समय और एक्स्ट्रा टाइम तक मुकाबला 1-1 से बराबरी पर था, लेकिन दबाव के सबसे बड़े पल में फ्रेंच क्लब ने फिर साबित कर दिया कि आखिर क्यों उन्हें इस समय दुनिया की सबसे खतरनाक टीम माना जा रहा है.

जैसे ही आर्सेनल डिफेंडर गैब्रियल मैगाल्हेस का निर्णायक पेनल्टी शॉट बार के ऊपर चला गया, पूरा स्टेडियम पीएसजी की जीत के जश्न में डूब गया. कप्तान मार्क्विनहोस ने दूसरी बार चैम्पियंस लीग ट्रॉफी उठाई और आतिशबाजी के बीच पेरिस क्लब ने यूरोप पर अपना दबदबा फिर साबित कर दिया. आधुनिक दौर में लगातार दो बार चैम्पियंस लीग जीतने वाली पीएसजी सिर्फ दूसरी टीम बनी है. इससे पहले यह कारनामा सिर्फ रियल मैड्रिड ने किया था.

इस जीत के साथ कोच लुइस एनरिक भी इतिहास के सबसे महान कोचों की सूची में और ऊपर पहुंच गए. उन्होंने तीसरी बार चैम्पियंस लीग जीती और पेप गार्डियोला, कार्लो एन्सेलोटी, बॉब पेस्ली और जिनेदिन जिदान जैसे दिग्गजों के क्लब में जगह बना ली. सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने वह काम कर दिखाया जो उनके करीबी दोस्त पेप गार्डियोला बार्सिलोना और मैनचेस्टर सिटी के साथ बैक-टू-बैक यूरोपियन खिताब जीतकर नहीं कर पाए थे.

ये रहा गेमचेंजिंग मोमेंट
फाइनल की शुरुआत हालांकि पीएसजी के लिए किसी झटके से कम नहीं थी. मैच के सिर्फ छठे मिनट में काई हावर्ट्ज ने शानदार गोल कर आर्सेनल को बढ़त दिला दी. इसके बाद आर्सेनल ने डिफेंसिव फुटबॉल का शानदार नमूना पेश किया. पीएसजी के पास बॉल पोजीशन ज्यादा थी, लेकिन रास्ते बहुत कम. पहले हाफ में फ्रेंच क्लब सिर्फ एक शॉट ही टारगेट पर मार सका. लेकिन बड़े खिलाड़ी बड़े मौकों पर ही सामने आते हैं. दूसरे हाफ में क्वारात्स्खेलिया को बॉक्स में गिराए जाने के बाद पीएसजी को पेनल्टी मिली और ओस्मान डेम्बेले ने बिना गलती किए गोल दाग दिया. इसके बाद मुकाबला पूरी तरह बदल गया.

पीएसजी के पास बढ़त लेने के कई मौके आए. क्वारात्सखेलिया का शॉट पोस्ट से टकराया, जबकि ब्रेडली बार्कोला ने आखिरी मिनटों में आसान मौका गंवा दिया. दूसरी तरफ आर्सेनल लगातार दबाव झेलता रही. आंकड़ों के मुताबिक फाइनल में आर्सेनल का गेंद पर कब्जा सिर्फ 24.7% रहा, जो 2004 के बाद किसी भी चैम्पियंस लीग फाइनल में सबसे कम है.

फिर आया पेनल्टी शूटआउट का तनाव. एबेरेची एजे पेनल्टी चूक गए, हालांकि गोलकीपर डेविड राया ने नूनो मेंडेस का शॉट रोककर आर्सेनल की उम्मीदें बढ़ाईं. लेकिन आखिर में लुकास बेराल्डो ने गोल किया और फिर गैब्रियल का मिस आर्सेनल फैन्स का दिल तोड़ गया.

हार के बाद आर्सेनल कोच मिकेल आर्टेटा ने भी पीएसजी की खुलकर तारीफ की. उन्होंने कहा, 'मेरे हिसाब से पीएसजी इस समय दुनिया की सबसे बेहतरीन टीम है. गेंद के साथ जो वे करते हैं, वह मैंने पहले कभी नहीं देखा.'

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