<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
उत्तर प्रदेश

बेसिक शिक्षा में यूपी ने बनाई नई पहचान, परिषदीय विद्यालयों का बदलता स्वरूप बना ‘योगी मॉडल’

बेसिक शिक्षा में यूपी ने बनाई नई पहचान, परिषदीय विद्यालयों का बदलता स्वरूप बना ‘योगी मॉडल’

– ऑपरेशन कायाकल्प से 1.32 लाख विद्यालयों की बदली तस्वीर, संतृप्तिकरण 36% से बढ़कर 96.30% हुआ

– स्मार्ट स्कूल, मॉडल कम्पोजिट विद्यालय और आधुनिक सुविधाओं से बदल रही सरकारी स्कूलों की पहचान

– 75 जिलों में 150 मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों की स्थापना, 141 के लिए भूमि चयन का कार्य पूर्ण

– बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नए आवासीय विद्यालयों की स्थापना का निर्णय

लखनऊ
 उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेसिक शिक्षा अब भवनों और नामांकन पर जोर देने के साथ-साथ परिषदीय विद्यालयों को आधुनिक, स्मार्ट और तकनीक आधारित शिक्षा केंद्रों में बदलने का व्यापक अभियान चल रहा है। कभी जर्जर भवनों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के लिए चर्चा में रहने वाले सरकारी स्कूल अब 'योगी मॉडल' के अंतर्गत नई पहचान बना रहे हैं।

योगी सरकार की बड़ी उपलब्धियों में शामिल 'ऑपरेशन कायाकल्प' ने प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर बदल दी है। अभियान के अंतर्गत अब तक 1.32 लाख विद्यालय आच्छादित किए जा चुके हैं। वर्ष 2017-18 में जहां विद्यालयों का संतृप्तिकरण केवल 36 प्रतिशत था, वहीं अब यह बढ़कर 96.30 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह बदलाव अब गांवों के सरकारी स्कूलों में साफ दिखाई दे रहा है।

3.42 लाख डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने की कार्यवाही तेज
विद्यालयों में बच्चों के लिए बेहतर बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु 3.42 लाख डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने की कार्यवाही तेजी से की जा रही है। इसके साथ ही सभी प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने की विशेष योजना पर काम चल रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी तकनीक आधारित शिक्षा से जुड़ सकें।

मॉडल विद्यालयों से शिक्षा व्यवस्था को मिल रही नई दिशा
योगी सरकार अब परिषदीय शिक्षा को आधुनिक और समग्र शिक्षा मॉडल से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही है। इसी क्रम में प्रदेश के सभी 75 जिलों में दो-दो मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय स्थापित किए जाने का निर्णय लिया गया है। प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक संचालित होने वाले 150 मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों में से 141 के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन विद्यालयों को आधुनिक कक्षाओं, डिजिटल शिक्षण संसाधनों, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं और खेल सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि सरकारी स्कूलों के बच्चे भी निजी विद्यालयों जैसी सुविधाएं प्राप्त कर सकें। इसके साथ ही 75 मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय भी विकसित किए जा रहे हैं, जहां प्री-प्राइमरी से कक्षा-8 तक के बच्चों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

बालिका शिक्षा पर विशेष फोकस
योगी सरकार ने बालिका शिक्षा को मजबूत करने के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। जिन विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नहीं हैं, वहां नए आवासीय बालिका विद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इससे दूरदराज और वंचित क्षेत्रों की बेटियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सकेगा।

राष्ट्रीय स्तर पर उभर रहा ‘योगी मॉडल’
उत्तर प्रदेश में जिस तेजी से परिषदीय विद्यालयों
का कायाकल्प हुआ है, वह देश के लिए एक बड़े मॉडल के रूप में उभर रहा है। योगी सरकार की रणनीति अब केवल स्कूल खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी विद्यालयों को आधुनिक, तकनीक आधारित और परिणामोन्मुखी शिक्षा केंद्रों में बदलने की दिशा में काम किया जा रहा है। डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट स्कूल, मॉडल कम्पोजिट विद्यालय और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से उत्तर प्रदेश अब बेसिक शिक्षा में नई राष्ट्रीय पहचान बनाने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button