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उत्तर प्रदेश

सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पीएम पोषण योजना से बदल रही उत्तर प्रदेश की तस्वीर

लखनऊ.
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में अब पढ़ाई के साथ-साथ पोषण, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य की नई कहानी लिखी जा रही है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (पीएम पोषण योजना) आज प्रदेश के करोड़ों बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह योजना केवल 'मिड-डे मील' तक सीमित नहीं रही, बल्कि 'पोषण से राष्ट्र निर्माण' का व्यापक अभियान बन गई है।

प्रदेश के लगभग 1.42 लाख राजकीय, परिषदीय एवं सहायता प्राप्त प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 1.46 करोड़ से अधिक बच्चों को प्रतिदिन गर्म, ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। यह व्यवस्था बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, मानसिक विकास और नियमित विद्यालय उपस्थिति को सुनिश्चित कर रही है।

विद्यालयों में बढ़ी उपस्थिति, मजबूत हुआ भरोसा
पीएम पोषण योजना का सकारात्मक प्रभाव विद्यालयों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। योजना के प्रभाव से नामांकन और उपस्थिति में निरंतर सुधार हुआ है। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह योजना बच्चों की शिक्षा को निरंतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

सामाजिक समरसता और समानता का संदेश
विद्यालयों में एक साथ बैठकर भोजन करने की व्यवस्था सामाजिक समरसता और समानता का भी सशक्त संदेश दे रही है। विभिन्न वर्गों और समुदायों के बच्चे एक साथ भोजन कर 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की भावना को मजबूत कर रहे हैं।

3.53 लाख रसोइयां बनीं ‘पोषण प्रहरी’
प्रदेश में पीएम पोषण योजना के सफल संचालन में 3.53 लाख से अधिक रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ये रसोइयां प्रतिदिन स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन तैयार कर बच्चों के स्वास्थ्य की मजबूत आधारशिला रख रही हैं।

रसोइयों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता
योगी सरकार ने रसोइयों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय के अतिरिक्त ₹1000 अतिरिक्त मानदेय उपलब्ध कराया है। साथ ही, परिधान मद में ₹500 प्रति रसोइया की सहायता भी दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश की 93 प्रतिशत से अधिक रसोइयों को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा जा चुका है, जिससे उन्हें और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है।

गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष जोर
प्रदेश सरकार द्वारा पीएम पोषण योजना में गुणवत्ता और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। भोजन की नियमित मॉनिटरिंग के साथ-साथ रसोइयों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। स्वच्छ भोजन निर्माण, पोषण संतुलन और खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।

रसोई से मंच तक पहुंची प्रतिभा 
योगी प्रदेश सरकार रसोइयों को भोजन तैयार करने वाली कार्यकर्ता से आगे बढ़कर 'पोषण प्रहरी' के रूप में पहचान दे रही है। इसी उद्देश्य से विभिन्न जनपदों में ‘रसोइया पाक-कला प्रतियोगिताओं’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रथम पुरस्कार 3500 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 2500 रुपये एवं तृतीय पुरस्कार 1500 रुपये के अलावा प्रतिभाग करने वाली सभी रसोइयों को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। वाराणसी में आयोजित पाक-कला प्रतियोगिता में रसोइयों ने स्वाद, स्वच्छता और पौष्टिकता के उत्कृष्ट समन्वय का प्रदर्शन किया। विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित कर सरकार ने यह संदेश दिया कि बच्चों के भविष्य को संवारने वालों का सम्मान सर्वोपरि है।

पोषण से विकसित उत्तर प्रदेश का मजबूत संकल्प
पीएम पोषण योजना आज उत्तर प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी मॉडल बन चुकी है। यह योजना बच्चों को बेहतर पोषण, नियमित शिक्षा और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक बेहतर पोषण, प्रत्येक विद्यालय तक गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं और प्रत्येक परिवार तक शिक्षा व्यवस्था के प्रति विश्वास को मजबूत किया जाए। इसी उद्देश्य के अंतर्गत विद्यालयों में पोषण, गुणवत्ता और आधुनिक संसाधनों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आज विद्यालयों की थालियों में परोसा जा रहा भोजन केवल अन्न नहीं, बल्कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का मजबूत संकल्प बन चुका है।

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