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उत्तर प्रदेश

वाराणसी में प्रमुख सोलर कंपनियों द्वारा यूपी नेडा को दिए गए प्रस्ताव में सोलर दीदी को प्रति माह 14,196 रुपये वेतन

लखनऊ. 
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जनपद वाराणसी एक नई पहचान बना रहा है। वाराणसी की महिलाएं सोलर लीडर बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहीं हैं। सोलर दीदी पहल के माध्यम से महिलाओं को न केवल तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें रोजगार, सम्मान और ऊर्जा स्वावलंबन से भी जोड़ा जा रहा है। प्रमुख सोलर कंपनियों द्वारा यूपी नेडा को दिए गए प्रस्ताव के अनुसार चयनित सोलर दीदियों को वाराणसी में रहकर कार्य करने का अवसर मिलेगा।

इस संबंध में यूपी नेडा डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि यूपीनेडा इम्पेनल्ड वेंडर्स द्वारा महिलाओं को ₹14,196 प्रति माह का वेतन दिया जाता है। इसके साथ ही वेंडर्स द्वारा प्रत्येक सोलर दीदी को लगभग ₹1.30 लाख मूल्य का 2 किलोवाट सोलर प्लांट निःशुल्क दिया जाएगा, जिससे वे अपने घर को सौर ऊर्जा से जोड़ सकेंगी।

महिलाओं को आधुनिक ऊर्जा उपयोग से जोड़ने हेतु एक इंडक्शन स्टोव भी वेंडर्स द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा प्रत्येक सफल सोलर स्थापना पर ₹1000 की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। विभाग की ओर से सभी प्रशिक्षुओं से अपील की गई है कि वे समय से प्रशिक्षण केंद्र पहुंचें, सात दिवसीय प्रशिक्षण को गंभीरता से पूरा करें तथा टेस्ट उत्तीर्ण कर इस अभियान का हिस्सा बनें।

यह पहल केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र में नेतृत्व प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। वाराणसी में चल रही यह पहल अब पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बनती दिखाई दे रही है, जहां महिलाएं सोलर दीदी बनकर हरित ऊर्जा क्रांति की अगुवाई कर रही हैं।

प्रदेश में अब तक 5,44,810 से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित
उत्तर प्रदेश में अब तक 5,44,810 से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। राज्य में कुल 9,68,548 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से बड़े पैमाने पर स्वीकृति एवं स्थापना सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही प्रदेश में 1,844.87 मेगावाट की कुल स्थापित क्षमता सृजित हुई है तथा ₹3,539.06 करोड़ की सब्सिडी केंद्र सरकार द्वारा एवं ₹1200 करोड़ से अधिक की सब्सिडी राज्य सरकार द्वारा जारी की जा चुकी है। प्रदेश में प्रतिदिन 82 लाख यूनिट से अधिक मुफ्त बिजली रूफटॉप सोलर के माध्यम से उत्पन्न हो रही है, जिसकी अनुमानित लागत 5 करोड़ रुपये से अधिक है।

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