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देश

ऊर्जा संकट के दौर में भारत-वेनेजुएला संबंधों पर बड़ी हलचल, अंतरिम राष्ट्रपति के दौरे की चर्चा

 नई दिल्ली

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा अब वैश्विक कूटनीति का बड़ा केंद्र बनती जा रही है. इसी बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अगले हफ्ते भारत दौरे पर आएंगी, जहां तेल सप्लाई और ऊर्जा सहयोग को लेकर अहम बातचीत होगी। 

रुबियो ने भारत रवाना होने से पहले कहा कि अमेरिका चाहता है कि भारत उससे "जितना चाहे उतना तेल खरीदे." उन्होंने कहा, "हम भारत को जितनी ऊर्जा चाहिए उतनी बेचने के लिए तैयार हैं. हमें लगता है कि वेनेजुएला के तेल को लेकर भी बड़े मौके मौजूद हैं। .

मार्को रुबियो ने आगे कहा, "मेरी जानकारी के मुताबिक वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति अगले हफ्ते भारत आने वाली हैं." रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट संकट की वजह से वैश्विक तेल बाजार में भारी अस्थिरता बनी हुई है और भारत वैकल्पिक सप्लाई लाइनों की तलाश में जुटा है। 

भारत तेल खरीद को कर रहा डाइवर्सिफाई
भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल आयातकों में शामिल है और अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है. होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ने के बाद भारत लगातार सप्लाई डाइवर्सिफिकेशन पर काम कर रही है. ऐसे में वेनेजुएला, जिसके पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है, भारत के लिए अहम विकल्प बनकर उभर रहा है। 

दिलचस्प बात यह है कि जनवरी 2026 में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाया गया था, जिसके बाद डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया. तब से वॉशिंगटन और कराकस के रिश्तों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी रोड्रिगेज की कई बार तारीफ कर चुके हैं, खासकर तेल कंपनियों के साथ सहयोग को लेकर। 

तेल क्षेत्र में वेनेजुएला कर रहा सुधार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेनेजुएला की नई सरकार विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए तेल क्षेत्र में बड़े सुधार कर रही है. अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को ज्यादा स्वतंत्रता देने, टैक्स कम करने और पीडीवीएसए के एकाधिकार को कमजोर करने जैसे कदम उठाए गए हैं। 

भारत और वेनेजुएला के रिश्तों में एक दिलचस्प सांस्कृतिक कनेक्शन भी है. डेल्सी रोड्रिगेज भारतीय आध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा की अनुयायी मानी जाती हैं और उपराष्ट्रपति रहते हुए वह दक्षिण भारत स्थित उनके आश्रम का दौरा भी कर चुकी हैं। 

रुबियो खुद 23 से 26 मई तक भारत दौरे पर रहेंगे. इस दौरान ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, व्यापार और इंडो-पैसिफिक रणनीति पर बातचीत होगी. माना जा रहा है कि वेनेजुएला की राष्ट्रपति की यात्रा और रुबियो का दौरा, दोनों मिलकर भारत की ऊर्जा रणनीति में नए समीकरण पैदा कर सकते हैं। 

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