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देश

दिल्ली में हीट स्ट्रोक का पहला केस, 24 साल का युवक अस्पताल में भर्ती

नई दिल्ली

 दिल्ली में इस मौसम में हीट स्ट्रोक का पहला मरीज रात में इसका शिकार बना। बुधवार गुरुवार की रात 24 साल के युवक को RML हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा, जहां इलाज के बाद भी उसकी हालत गंभीर है। राहुल आनंद ने एम्स के डॉ. नीरज निश्चल से पूछे इससे
बचने के उपायः

जानें क्या होता है हीट स्ट्रोक?
लंबे समय तक तेज गर्मी में रहने से शरीर का तापमान तेजी से बढ़कर 104 डिग्री फारेनहाइट यानी 40 डिग्री सेल्सियस के भी पार चला जाता है। यह मेडिकल इमरजेंसी और जानलेवा स्थिति हो सकती है।

लक्षण या संकेतः
तेज सिरदर्द, चक्कर आना, मतली या उल्टी, भ्रम या दिमागी संतुलन खोने लगना, बेहोशी, दौरे पड़ना, त्वचा का बहुत गर्म और लाल होना, सूखी हो जाना।

क्या करें जब खुद में दिखें ये लक्षण?
तुरंत धूप या गर्म जगह से हटकर ठंडी जगह पर जाएं, ठंडा पानी या शिकंजी आदि लें, शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडे पानी की पट्टियां लगाएं, ठंडे पानी से नहाएं। अगर चक्कर, भ्रम, बेहोशी या तेज बुखार हो तो तुरंत अस्पताल जाएं।

किसी और को हीट स्ट्रीक हो तो…
तुरंत इमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या मरीज को अस्पताल पहुंचाएं। ठंडी पट्टियां, आइस पैक या ठंडा पानी इस्तेमाल करें। मरीज बेहोश है, तो उसे कुछ भी खाने-पीने को न दें। मदद आने तक मरीज की हालत पर नजर रखें।

यह गर्मी और कैसे शरीर को नुकसान पहुंचाती है?
ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी और सॉल्ट (नमक) की कमी हो जाती है। डिहाइड्रेशन, कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन और चक्कर आने लगते हैं। तापमान लगातार बढ़ने पर दिमाग, दिल, किडनी और लिवर पर भी बुरा असर पड़ सकता है। गंभीर स्थिति में मल्टी ऑर्गन फेल्योर, बेहोशी, दौरे और मौत तक का खतरा हो सकता है।

बचाव के लिए क्या करें?
दिनभर पर्याप्त पानी पिएं, बहुत ज्यादा धूप में न निकलें, खासकर दिन में 11 से दोपहर 3 बजे के बीच निकलने से बचें, हल्के रंग वाले ढीले कपड़े पहनें। बाहर जाते समय टोपी, छाता और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। नारियल पानी, दही, फल और इलेक्ट्रोलाइट्स वाली चीजें लें।

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