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छत्तीसगड़

“लखपति से करोड़पति दीदी” बनने का मुख्यमंत्री ने दिया मंत्र, महिलाओं को उद्यम विस्तार के लिए किया प्रेरित

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज ग्राम रामपुर में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को करीब से जाना। मुख्यमंत्री ने महिलाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों से योजनाओं के लाभ, आयवृद्धि, आजीविका और जीवनस्तर में आए सुधारों की जानकारी लेते हुए कहा कि जब शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है, तभी सुशासन की वास्तविक सार्थकता सिद्ध होती है।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने साधना महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी मती जागेश्वरी प्रजापति से उनके समूह द्वारा तैयार किए जा रहे आलू चिप्स के व्यवसाय की जानकारी ली। मती जागेश्वरी ने बताया कि समूह अब तक आलू चिप्स की बिक्री से लगभग 1 लाख 85 हजार रुपये की आय अर्जित कर चुका है। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने सहज मुस्कान के साथ कहा, “आलू चिप्स का नाम सुनकर ही मुंह में पानी आ रहा है।” मुख्यमंत्री की इस आत्मीय टिप्पणी से शिविर स्थल पर हर्ष और आत्मीयता का वातावरण बन गया। 

मुख्यमंत्री ने समूह की महिलाओं की मेहनत और उद्यमशीलता की सराहना करते हुए उन्हें अपने उत्पादों का विस्तार करने, बेहतर पैकेजिंग और बाज़ार से जुड़कर आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान महिलाओं से “लखपति दीदी योजना” की प्रगति पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में अब तक 8 लाख से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं तथा सरकार का लक्ष्य 10 लाख लखपति दीदियां तैयार करना है। उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अब समय केवल लखपति बनने का नहीं, बल्कि आगे बढ़कर “करोड़पति दीदी” बनने का है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं परिवार, समाज और राज्य के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला होती हैं।शिविर में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही  प्राण साय प्रजापति से भी आत्मीय चर्चा की। हितग्राही ने बताया कि योजना के माध्यम से उनके परिवार का पक्के मकान का सपना पूरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर गरीब परिवार को सम्मानपूर्वक पक्की छत उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

सुशासन तिहार की सार्थकता उस समय और स्पष्ट दिखी जब ग्राम चंद्रपुर निवासी मती प्रिया सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने शिविर में राशन कार्ड के लिए आवेदन दिया था और उसी दिन उनका आवेदन निराकृत कर राशन कार्ड उपलब्ध करा दिया गया। मुख्यमंत्री ने इसे प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का उदाहरण बताते हुए संबंधित अधिकारियों की सराहना की तथा कहा कि सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य ही आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, सरल और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुँचे।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के एक लाभार्थी से भी संवाद किया, जिन्होंने बताया कि वे प्राप्त राशि का उपयोग सब्जी उत्पादन में कर रहे हैं, जिससे उनकी आय और आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने उनकी पहल की सराहना करते हुए उन्हें प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सोलर पंप लगाने के लिए प्रेरित किया, ताकि सिंचाई लागत कम हो, खेती अधिक लाभकारी बने और किसानों को बिजली खर्च से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा और नवाचार आधारित खेती ही किसानों की आय वृद्धि का मजबूत आधार बनेगी।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने हितग्राहियों के अनुभव सुनने के बाद प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देता है जब उसका लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुँचकर उसके जीवन में बदलाव लाए। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे शासन की योजनाओं की जानकारी लेकर उनका अधिकाधिक लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर, समृद्ध तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें।

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