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उत्तर प्रदेश

डिवाइडर का होगा कलात्मक विकास, लगाई जाएंगी थिमेटिक प्रतिमाएं

नई आभा से निखरेंगे गोरखपुर के मुख्य मार्ग, होगा सौंदर्यीकरण

डिवाइडर का होगा कलात्मक विकास, लगाई जाएंगी थिमेटिक प्रतिमाएं

कहीं वाद्य यंत्र, राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह तो कहीं योग की मुद्राओं की तर्ज पर संवारे जाएंगे डिवाइडर

सैलानियों के मन में रच-बस जाएगी विकसित गोरखपुर की सुंदर छवि

गोरखपुर
 स्मार्ट सिटी गोरखपुर में सड़कों को चौड़ा करने के बाद योगी सरकार उनके सौंदर्य को निखारने की पहल कर रही है। गोरखपुर के मुख्य मार्ग अब नई आभा से निखर उठेंगे। इसके लिए मुख्य मार्गों के डिवाइडर पर थिमेटिक प्रतिमाओं की स्थापना कर उनका कलात्मक विकास किया जाएगा। इस नए प्रोजेक्ट का उद्देश्य राहगीरों और सैलानियों के मन में गोरखपुर की छवि को अविस्मरणीय बनाना है।

मुख्य मार्गों के डिवाइडर के कलात्मक विकास की परियोजना को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर मूर्त रूप दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष किया जा चुका है और नगर निगम बोर्ड में इस संबंध में प्रस्ताव पारित होने के बाद अब काम शुरू होने जा रहा है। एक माह में परियोजना आकार लेने लगेगी।

महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव बताते हैं कि गोरखपुर के मार्गों पर बने डिवाइडर का सौंदर्य अब केवल हरियाली तक सीमित नहीं रहेगा। अब उन्हें कलात्मक और सांस्कृतिक पहचान भी मिलेगी। डिवाइडर को थिमेटिक सांस्कृतिक रूप देने के लिए कहीं राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह और वाद्य यंत्रों की आकृतियां दिखाई देंगी तो कहीं योग मुद्राओं की प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र बनेंगी। इसके जरिये गोरखपुर शहर को आधुनिकता के साथ भारतीय संस्कृति तथा परंपरा से जोड़ा जाएगा। महापौर का मानना है कि आने वाले समय में गोरखपुर की सड़कें केवल यातायात का माध्यम नहीं बल्कि कला, संस्कृति और आधुनिक विकास का प्रतीक बनकर लोगों को आकर्षित करेंगी।

परियोजना के अंतर्गत प्रमुख चौराहों व मार्गों पर थिमेटिक प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इन प्रतिमाओं में संगीत, योग, अध्यात्म और भारतीय जीवनशैली की झलक देखने को मिलेगी। इससे न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के मन में विकसित और व्यवस्थित गोरखपुर की सकारात्मक छवि भी बनेगी। सड़क किनारे आकर्षक लाइटिंग पहले से है। अब डिवाइडर पर हरियाली के बीच कलात्मक संरचनाओं के माध्यम से शहर को नया रूप दिया जाएगा। नगर के प्रवेश मार्गों और प्रमुख यातायात मार्गों को विशेष रूप से चिन्हित कर उनका सौंदर्यीकरण कराया जाएगा ताकि शहर में प्रवेश करते ही लोगों को आधुनिक और स्वच्छ गोरखपुर का अनुभव हो। 

प्रमुख मार्गों के डिवाइडर का थिमेटिक विकास करने के लिए चयनित संस्था इंडियन आर्ट एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कृष्ण मोहन बताते हैं कि काम शुरू करने से पहले विभिन्न विभागों की तरफ से जरूरी एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) हासिल कर लिया गया है और एक माह में काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि डिवाइडर पर थिमेटिक प्रतिमाओं के साथ ही उसके आसपास बड़े पैमाने पर फूलों के पौधों को लगाकर खूबसूरती को और बढ़ाया जाएगा। संस्था परियोजना कार्य का कुल मिलाकर 30 वर्ष तक अनुरक्षण कार्य भी करेगी। 

प्रथम चरण की कार्ययोजना
-पैडलेगंज से नौका विहार मार्ग के डिवाइडर पर वाद्य यंत्रों की थीम की प्रतिमाएं लगाई जाएंगी।
-असुरन चौराहा से लेकर गुलरिहा तक अध्यात्म और योग मुद्राओं की थीम वाली प्रतिमाओं को लगाया जाएगा। 
-यातायात तिराहा से बरगदवा तक के डिवाइडर पर अध्यात्म थीम पर प्रतिमाओं से सजाया जाएगा। 
-देवरिया बाईपास मार्ग (चिड़ियाघर मुख्य मार्ग) के डिवाइडर को एनिमल थीम पर विकसित किया जाएगा।

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