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मध्यप्रदेश

विदिशा में किसानों का सड़क पर हंगामा, बंद खरीदी केंद्र के विरोध में हाईवे जाम

विदिशा.

विदिशा जिले के उपार्जन केंद्रों पर जारी कुप्रबंधन और पिछले पांच दिनों से बने बारदाने के गंभीर संकट के कारण शनिवार को किसानों के सब्र का बांध टूट गया। नेशनल हाईवे-146 स्थित धतुरिया के आदित्य वेयरहाउस खरीदी केंद्र पर जब किसानों को ताला लटका मिला, तो आक्रोशित 500 से अधिक किसानों ने नेशनल हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रालियां आड़ी खड़ी कर चक्काजाम कर दिया।

हालात इस कदर बिगड़ गए कि फंसे हुए दोपहिया वाहनों को निकालने के लिए प्रशासन को बुलडोजर बुलाना पड़ा, जिसने सड़क किनारे मिट्टी डालकर अस्थाई रास्ता बनाया, तब जाकर बाइक सवार वहां से निकल सके।

भीषण गर्मी में थमे पहिए, 3 किलोमीटर तक लगी गाड़ियां
चक्काजाम के कारण नेशनल हाईवे के दोनों ओर करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया। दोपहर के समय पारा 40 डिग्री के पार था, और इस भीषण गर्मी के बीच एक घंटे से अधिक समय तक एंबुलेंस, यात्री बसें और सैकड़ों राहगीर फंसे रहे। छोटे बच्चों और मरीजों के लिए यह एक घंटा बेहद प्रताड़ना भरा रहा।

70 KM दूर से आए किसान बोले- "रात-दिन भूखे-प्यासे दे रहे पहरा"
इस केंद्र पर अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि दूर-दराज के क्षेत्रों से आए किसानों को भीषण धूप में प्रताड़ित होना पड़ रहा है।
राकेश चौकसे (धनियाखेड़ी): "हम 11 मई की सुबह ही ट्रॉली लेकर आ गए थे। 5 दिन बीत गए पर तौल नहीं हुई। अब खुले आसमान के नीचे फसल बचाएं या खुद को।"

विशाल ठाकुर (कछुआ बरखेड़ा): "रात-दिन ट्रॉली के पास ही भूखे-प्यासे पहरा देना पड़ रहा है। पानी तक की सही व्यवस्था नहीं है।"

किसान अवतार सिंह और नीलेश अहिरवार ने बताया कि बारदाना, हम्माल और कांटों की कमी के कारण तौल पहले ही कछुआ गति से चल रही थी, और शनिवार को प्रबंधन ने हाथ खड़े करते हुए केंद्र पर ताला ही जड़ दिया।

बारदाना आने पर ही खोला जाम
समिति प्रबंधकों ने अपनी लाचारी जताते हुए कहा कि जिला स्तर से बार-बार मांग के बावजूद पर्याप्त बारदाना उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। चक्काजाम की खबर मिलते ही एसडीएम क्षितिज शर्मा और तहसीलदार अजय पाठक पुलिस बल के साथ पहुंचे। पहले तो किसान सिर्फ कागजी आश्वासन पर हटने को तैयार नहीं हुए। जब प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर ही बारदाने से भरी गाड़ी मंगवाई, तब जाकर किसानों ने हाईवे खाली किया।

विपक्ष का आरोप
इस पर विपक्ष और किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विनीत दांगी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, "यह पूरी तरह से प्रशासनिक कुप्रबंधन है। जब किसान पांच दिन से गुहार लगा रहे थे, तब कोई सुनवाई नहीं हुई। लेकिन जैसे ही चक्काजाम हुआ, एक घंटे के भीतर बारदाने की गाड़ी आ गई। इससे साफ है कि जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही थी।"

तुलाई शुरू करवा दी है –
धतुरिया केंद्र पर बारदाने की कमी और तौल बंद होने की शिकायत मिलते ही हम पुलिस बल के साथ पहुंचे थे। किसानों को तुरंत बारदाना उपलब्ध कराकर तुलाई शुरू करवा दी गई है। सभी केंद्रों की व्यवस्थाओं पर नजर रखी जा रही है।
– क्षितिज शर्मा, एसडीएम, विदिशा

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