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छत्तीसगड़

विशंकर जलाशय की सुरक्षा के लिए गेटों की मरम्मत एवं आवश्यक कार्यों हेतु 65.50 करोड़ रुपए की मिली प्रशासनिक स्वीकृति

रायपुर

प्रदेश में सिंचाई संरचनाओं की सुरक्षा और जल प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा लगातार प्रभावी कदम उठाया जा रहा है। इसी कड़ी में जल संसाधन विभाग द्वारा धमतरी जिले में स्थित रविशंकर सागर जलाशय (गंगरेल बांध) के गेटों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों के लिए 65 करोड़ 50 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है।
        
जारी स्वीकृति के अनुसार जलाशय में एपॉक्सी ग्राउटिंग, फ्लेक्सिबल शाफ्ट हाई प्रेशर वाटर जेट से चोक व्हीपीडी की सफाई सहित अन्य आवश्यक मरम्मत एवं संरक्षण कार्य कराए जाएंगे। यह कार्य जलाशय की संरचनात्मक मजबूती, संचालन क्षमता और दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
          
राज्य शासन द्वारा महानदी परियोजना के मुख्य अभियंता को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। कार्यों में वित्तीय अनुशासन, तकनीकी मापदंडों तथा पारदर्शी निविदा प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही कार्य की नियमित मॉनिटरिंग एवं गुणवत्ता परीक्षण भी किए जाएंगे, ताकि निर्माण कार्य उच्च मानकों के अनुरूप संपन्न हो सके।
          
उल्लेखनीय है कि रविशंकर सागर जलाशय प्रदेश की बहुत पुरानी और प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में से एक है, जिससे कृषि, जलापूर्ति और क्षेत्रीय विकास को व्यापक लाभ मिलता है। स्वीकृत कार्यों के पूर्ण होने से जलाशय की कार्यक्षमता और सुरक्षा में और अधिक मजबूती आएगी, जिससे किसानों एवं आमजन को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा। जल संसाधन विभाग द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि कार्यों के क्रियान्वयन में सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रावधानों पालन सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।

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