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सभी जिलों में पर्यटन और रोजगार की संभावनाएं तलाशकर युवाओं को अवसर देने पर जोर

पटना

बिहार पर्यटन विभाग हर साल चार लाख लोगों को रोजगार देगा। इस संबंध में विभाग ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत अगले पांच वर्षों का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है। शुक्रवार को विभाग के मंत्री केदार गुप्ता ने अपना कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने विभाग की ओर से पिछली सरकार द्वारा तय की गई योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने को कहा। इसके अलावा लंबित पड़ी योजनाओं पर फिर से जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनके कार्यालय कक्ष में मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा की।

विभाग अपनी नयी योजना में पांच वर्षों में 20 लाख लोगों को रोजगार देगा। वर्ष 2030 तक विभाग पूरे प्रदेश में इतने युवाओं को रोजगार से जोड़ेगा। इससे बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार का भी सृजन होगा। राज्य सरकार ने सात निश्चय तीन के तहत एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसमें सभी विभागों की हिस्सेदारी तय की जा रही है। सबसे बड़ी हिस्सेदारी उद्योग विभाग के साथ पर्यटन विभाग को ही मिला है। सरकार के लक्ष्य का 20 फीसदी केवल पर्यटन विभाग ही पूरा करेगा। ऐसे में रोजगार देने के लिए पर्यटन विभाग आगे आया है। उसने आगामी पांच वर्षों में 20 लाख रोजगार देने के लक्ष्य को हर वर्ष के लिए अलग-अलग निर्धारित किया है।

पर्यटन विभाग अगले पांच वर्षों में सभी जिलों में रोजगार की संभावनाओं की तलाश करेगा और फिर युवाओं को उनकी पात्रता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराएगा। युवा जिस कौशल के होंगे, उन्हें उसी में रोजगार मिलेगा।

इसके लिए सभी जिलों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। उन्हें अपने-अपने जिलों में रोजगार की संभावनाओं के सेक्टर की पहचान करने और फिर उनमें युवाओं के लिए अवसर की उपलब्धता की पूरी जानकारी देने को कहा गया है।

सरकार हर संभावनाओं को युवाओं के लिए सुलभ बनाएगी
विशेषज्ञों के अनुसार सूबे में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इसका अबतक ढंग से विकास नहीं हो पाया है। इस समय पर्यटन के क्षेत्र में काफी कम रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। यही नहीं बहुत कम संख्या में लोगों को रोजगार मिला हुआ है। अधिसंख्य रोजगार असंगठित क्षेत्र में है और वे भी अनिश्चितता वाले हैं। इसलिए राज्य सरकार ने पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के हर संभव संभावनाओं की तलाश कर उन्हें युवाओं के लिए सुलभ बनाएगी।

धार्मिक पयर्टन का होगा विकास
सूबे के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने शुक्रवार को विस पहुंच अपने विभाग का कार्यभार संभाला। उन्होंने विभाग के प्रधान सचिव व अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर विभाग के कामकाज की जानकारी ली। मंत्री ने बताया कि उनका लक्ष्य अगले पांच सालों में प्रदेश के उन पर्यटन क्षेत्रों का विकास करना होगा, जिनकी चर्चा बहुत कम होती है। खासकर धार्मिक पर्यटन को लेकर प्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। ऐसे में उनकी प्राथमिकता पर्यटकीय महत्व वाले धार्मिक स्थलों की पहचान करना है, ताकि विभागीय अधिकारियों से विमर्श कर उनके विकास के लिए किए जाने वाले कामों की सूची तैयार की जा सके। इसके लिए वे जल्द ही एक बैठक अधिकारियों संग बुलाकर इस योजना पर काम शुरू करेंगे। इसके अलावा प्रदेश में प्राकृतिक दृश्यों वाले स्थानों की भरमार है। उनको भी विकसित कर पर्यटन के मानचित्र पर स्थान दिलाना उनकी प्राथमिकता सूची में शामिल है।

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