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धर्म/ज्योतिष

भगवान की कृपा के 8 संकेत, बदलने लगती है इंसान की सोच और स्वभाव

 हर इंसान की चाहत होती है कि भगवान उसकी सुने. जिसकी वजह से वो व्यक्ति भगवान को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के उपाय भी करता है, प्रार्थना करता है. कई बार ऐसा भी होता है कि भगवान की कृपा होने के बाद पता नहीं चलता है. अगर आपके ऊपर प्रभु की कृपा हो रही है, लेकिन आप उसे पहचान नहीं पा रहे? तो घबराएं नहीं, बल्कि उसको समझने के कईं उपाय हैं.

प्रेमानंद महाराज के अनुसार जानते हैं कि ईश्वर की कृपादृष्टि के कौन से संकेतों हैं. क्योंकि जब भगवान की कृपा होती है तो व्यक्ति के स्वभाव, सोच और जिंदगी में कुछ खास बदलाव दिखाई देने लगते हैं. अगर आपको भी ये 8 संकेत दिखने लगें, तो समझ लें कि आप पर भगवान की विशेष कृपा बनी हुई है. धीरे धीरे सभी इच्छाएं पूरी होने लगेंगी.

1. शांत स्वभाव और क्षमा भाव
यदि आपके अंदर घोर अपराध करने वाले के प्रति भी क्रोध नहीं आता और आप उसे क्षमा कर देते हैं, तो यह प्रभु की कृपा का पहला संकेत है.

2. अनसूया (दोष न देखना)
आप किसी के भी दोष नहीं देखते, न दोष की चर्चा करते हैं और न ही सुनना पसंद करते हैं. दूसरों के गुणों में कमी ढूंढने की आदत समाप्त हो जाती है.

3. भीतर और बाहर से पवित्रता
बाहरी रूप से स्वच्छता (वस्त्र, शरीर) और अंदर से निष्कपटता, सच्चाई और निर्मल भाव बना रहता है.

4. भजन के विरोधी कार्यों से दूरी
ऐसे कामों से दूर रहने लगते हैं, जिनसे भजन, सत्य और भगवान का स्मरण छूटे.

5. अपने भजन का फल दूसरों के लिए देना
अपने भजन का फल केवल अपने लिए नहीं, बल्कि सभी के सुख और कल्याण के लिए समर्पित करने का भाव आता है.

6. कुछ पाने की इच्छा खत्म होना
अपने भजन से भी कोई सांसारिक इच्छा नहीं रखते, केवल यही चाहते हैं कि भजन निरंतर चलता रहे.

7. मान-सम्मान से दूरी
सम्मान, पद, प्रतिष्ठा मिलने पर भी मन में अहंकार नहीं आता, बल्कि भीतर से विनम्रता और वैराग्य बना रहता है.

8. सभी के प्रति करुणा, पर ममता नहीं
सभी जीवों के प्रति दया, करुणा और मैत्री का भाव रहता है, लेकिन किसी के प्रति आसक्ति (ममता) नहीं होती.

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