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उत्तर प्रदेश

डीजीपी ने एनसीआरबी आंकड़ों को बताया यूपी की मजबूत कानून-व्यवस्था का प्रमाण

एनसीआरबी के आंकड़े यूपी की मजबूत कानून-व्यवस्था की गवाही: डीजीपी

राष्ट्रीय क्राइम रेट से काफी कम रहा यूपी का क्राइम रेट

अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति धरातल पर उतरी

लखनऊ
 पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की वर्ष 2024 रिपोर्ट निर्विवाद रूप से स्थापित करती है कि क्राइम रेट ही विभिन्न राज्यों के बीच अपराध की तुलना का एकमात्र वैज्ञानिक और सांख्यिकीय दृष्टि से उचित आधार है। राष्ट्रीय क्राइम रेट 252.3 के मुकाबले उत्तर प्रदेश का क्राइम रेट मात्र 180.2 है। यह सुधार सतत और सुविचारित प्रयासों का प्रतिफल है। यह साबित करता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति कागज़ों से निकलकर धरातल पर उतरी है। 

कठोर कार्रवाई से स्थापित किया कानून-व्यवस्था का राज
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि गत 9 वर्षों में आधुनिक पुलिस स्टेशन, सतर्क एंटी-रोमियो स्क्वॉड, हर थाने पर समर्पित महिला हेल्प डेस्क, कमज़ोर वर्गों को त्वरित न्याय दिलाने वाले फास्ट-ट्रैक कोर्ट और संगठित अपराधों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था का राज स्थापित किया है। एनसीआरबी के आंकड़े इसी की गवाही देते हैं।

छोटी से छोटी शिकायत का संज्ञान लेती है यूपी पुलिस
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोई भी व्यक्ति बिना किसी भय-संकोच के पुलिस थाने जाकर शिकायत दर्ज करा सकता है। उत्तर प्रदेश पुलिस इसके प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हम डिजिटल माध्यमों पर भी आई छोटी से छोटी शिकायत का संज्ञान लेते हैं और जहां भी उचित हो, उसे एफआईआर में परिवर्तित करते हैं। अधिक पंजीकरण एक अधिक संवेदनशील, सुलभ और पारदर्शी पुलिस बल की पहचान है। यही वह संस्कृति है, जिसका निर्माण उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विज़न के तहत कर रही है।

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