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हॉर्मुज बंद, फिर भी UAE और सऊदी से भारत में आयी भारी मात्रा में तेल, जानिए चौंकाने वाले आंकड़े

 नई दिल्‍ली

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्‍ता पूरी तरह से ब्‍लॉक है. अमेरिका का दावा है कि इस रास्‍ते से कोई तेल की जहाज नहीं गुजर रही है, क्‍योंकि उसकी सेना ने पूरी तरह से नाकाबंदी कर दी है. इतना ही नहीं अमेरिका ने वहां से गुजरने वाले जहाजों को देखते ही उड़ाने का भी आदेश दिया है। 

यह वह रास्‍ता है, जहां से भारत और चीन जैसे देश मिडिल ईस्‍ट से भारी मात्रा में तेल का आयात करते हैं. इस बीच, एक ऐसा आंकड़ा सामने आया है, जो आपको भी हैरान कर देगा. दरअसल, मार्च की तुलान में भारत के तेल आयात का डाटा जारी हुआ है, जिसके मुत‍ाबिक भारत ने होर्मुज बंद रहने के बाद भी मिडिल ईस्‍ट के देशों से खूब तेल का आयात किया है. हालांकि, रूसी तेल खरीद में छूट मिलने के बाद भी कमी देखी गई है। 

रूसी तेल का आयात गिरा 
कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात अप्रैल में मार्च की रिकॉर्ड खरीद की तुलना में 21 प्रतिशत गिर गया. अप्रैल में हरदिन 1.56 मिलियन बैरल (एमबीडी) तेल का आयात यूक्रेन में हड़ताल के बाद एक प्रमुख रूसी टर्मिनल पर लोडिंग में आई बाधाओं से प्रभावित हुआ. यह मार्च की तुलना में भारी गिरावट है , जब भारत का आयात 1.98 मिलियन बैरल प्रतिदिन के रिकॉर्ड स्‍तर पर था। 

भारत के किस कंपनी ने कितना तेल मंगाया? 
इंडियन ऑयल ने हर दिन 677,000 बैरल तेल खरीदा और नंबर वन पर है. इसकी खरीद मार्च की तुलना में 14 फीसदी ज्‍यादा है. रिलायंस इंडस्ट्रीज 235,000 बैरल प्रतिदिन तेल खरीदकर दूसरे स्थान पर है. भारत पेट्रोलियम ने प्रतिदिन 176,000 बैरल तेल आयात किया, जो मार्च से 38 प्रतिशत कम है। 

नाकाबंदी के बाद भी बढ़ी तेल खरीद 
ऊर्जा के लिए महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज की नाकाबंदी के बावजूद, अप्रैल में पश्चिम एशियाई देशों से भारत में तेल की आपूर्ति में सुधार देखने को मिला है. सऊदी अरब से हरदिन 704,000 बैरल तेल का आयात हुआ, जो मार्च की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से आयात में 191 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर हरदिन 591,000 बैरल पहुंच गया। 

नाकाबंदी के बाद भी कैसे भारत आया तेल? 
तेल को सऊदी अरब की यानबू और यूएई की फुजैराह पाइपलाइनों के माध्यम से भेजा गया था, जो होमुज को बाईपास करती हैं और वैश्विक ऊर्जा आयात के लिए महत्वपूर्ण मार्गों के तौर पर उभर रही है. वेस्‍ट एशिया में चल रहे जंग के बीच, भारत ने वेनेजुएला, ईरान, ब्राजील और नाइजीरिया से भी तेल का आयात बढ़ाया है। 

ईरान से इतना हुआ तेल का आयात 
सात साल के अंतराल के बाद, भारत ने अ
प्रैल में ईरान से तेल की खरीद फिर से शुरू की और प्रतिदिन 137,000 बैरल तेल का आयात किया, जब अमेरिका ने प्रतिबंधों में 30 दिनों की छूट की घोषणा की. भारत ईरान से कच्चे तेल का एक प्रमुख खरीदार रहा है. 2018 में अमेरिका द्वारा प्रतिबंधों को कड़ा करने के बाद, मई 2019 से आयात बंद हो गया, और इसकी जगह पश्चिम एशियाई, अमेरिकी और अन्य ग्रेड के माल ने ले ली. करीब एक साल के अंतराल के बाद, इस महीने वेनेजुएला से तेल का आयात 298,000 बैरल प्रति दिन रहा। 

इन सभी आयातों के बीच, कुल आयात में कमी देखने को मिली है. ईरान युद्ध के बाद होर्मुज की नाकाबंदी के चलते, भारत का कच्चे तेल का आयात अप्रैल में घटकर 4.3 मिलियन बैरल हर दिन हो गया, जो पिछले महीने के 4.4 मिलियन बैरल से कम है, यह जानकारी केप्लर के आंकड़ों से मिलती है। 

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