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मध्यप्रदेश

शिलांग कोर्ट का अहम फैसला, मुख्य आरोपी राज कुशवाहा की जमानत याचिका खारिज

इंदौर
 राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम को मिली जमानत को आधार पर जेल में बंद अन्य आरोपी विशाल चौहान, आनंद कुर्मी और आकाश राजपूत ने भी कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन दायर किया है। उधर, राज कुशवाहा की जमानत के लिए सोमवार को नई अर्जी लगाई जाएगी। शिलॉन्ग अदालत ने सोनम को जमानत दे दी है, जबकि इस हत्याकांड के एक अन्य आरोपी राज कुशवाहा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। राज कुशवाहा के वकील फुयोसा योबिन के अनुसार, सेशन कोर्ट ने जमानत याचिका को ‘तकनीकी आधार’ पर निरस्त किया है। इस लिए अभी जमानत की उम्मीद बाकी है। 

बेल के बाद से होटल में रह रही सोनम
सोनम रघुवंश को जमानत मिल गई है। मंगलवार रात जेल से रिहा होने के बाद सोनम रघुवंशी शिलांग के एक होटल में ठहरी है। अदालत ने उसे शिलांग से बाहर नहीं जाने की शर्त पर जमानत दी है। लेकिन अब वह इस शर्त से बाहर निकलने के उपाय कर रही है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार वह सुरक्षा कारणों का हवाला देकर शिलॉन्ग से बाहर जाने की अनुमति मांगने के लिए नई अर्जी लगाने वाली है। अगर उसकी मांग स्वीकार कर ली गई तो उसे शिलांग से निकलने की अनुमति मिल जाएगी। 

इस आधार पर निरस्त हुई राज की याचिका
राज के वकील ने बताया कि आवेदन में पिछले बेल आवेदन का उल्लेख नहीं किया गया था, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। वकील ने कहा कि जमानत का आवदेन खारिज करने का निर्णय मेरिट के आधार पर नहीं लिया गया है। अब सोमवार को नई जमानत अर्जी दायर की जाएगी। उम्मीद है इस बार उसे जमानत मिल जाएगी। जमानत याचिका खारिज करते हुए शिलॉन्ग कोर्ट ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया आरोपी राज के वकील ने याचिका में उसके आपराधिक रिकॉर्ड का उल्लेख नहीं है, जो नियमों का उल्लंघन है। इसी आधार पर अर्जी निरस्त की गई।

सोनम की जमानत रद्द करवाने के लिए हाईकोर्ट गए राजा के परिवार वाले
शिलॉन्ग पुलिस ने अपनी जांच में सोनम और राज को राजा की हत्याकांड का मास्टरमाइंड बताया था. अब सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए शिलॉन्ग पुलिस हाईकोर्ट जाएगी. इसके अलावा सोनम रघुवंशी की जमानत पर राजा रघुवंशी के परिवाले बिल्कुल भी खुश नजर नहीं आए. बताया जा रहा है कि राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी भी जल्द हाईकोर्ट में सोनम की जमानत रद्द करने के लिए आवेदन करेंगे. राजा का परिवार सीबीआई जांच की मांग भी कर रहा है। 

शिलॉन्ग की घाटी में पड़ा हुआ मिला था राजा रघुवंशी का शव
सोनम रघुवंशी और राजा रघुवंशी की शादी मई 2025 में हुई थी. इसके बाद दोनों हनीमून मनाने के लिए मेघायल के शिलॉन्ग गए थे. जहां कुछ दिनों बाद ही दोनों लापता हो गए. फिर राजा का शव शिलॉन्ग की एक घाटी में पड़ा हुआ मिला. जहां उनके शरीर पर कई धारदार हथियार के निशान थे. बाद में पुलिस ने वह हथियार भी बरामद किया था. फिर शक की सुई पत्नी सोनम की तरफ घूमी थी, क्योंकि राजा की हत्या के बाद से ही वह भी लापता थी। 

इसके बाद पुलिस ने सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया था. बाद में उसके प्रेमी राज कुशवाहा को पुलिस ने दबोचा था. पुलिस ने दोनों पर ही राजा की हत्या करने और उसकी साजिश रचने के आरोप लगाए थे. फिलहाल सोनम जेल से बाहर है, लेकिन प्रेम राज को अभी जेल में रहना होगा। 

किया मुनेश बनाम यूपी केस का जिक्र
कोर्ट ने अपने आदेश में अप्रैल 2025 के चर्चित फैसले मुनेश बनाम उत्तरप्रदेश का उल्लेख किया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ निर्देश दिए थे कि अब नियमित या अग्रिम जमानत मांगने वाले हर याचिकाकर्ता को अपने आपराधिक इतिहास का पूरा खुलासा करना अनिवार्य होगा। देश के शीर्ष कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि कोई याचिकाकर्ता अपने बारे में कोई जानकारी छुपाता है या गलत जानकारी देता है, तो उसकी जमानत याचिका खारिज की जा सकती है। यह व्यवस्था न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और जमानत प्रावधानों के दुरुपयोग को रोकने के लिए लागू की गई है।
 
राज का परिवार दूर, वकील कर रहे कार्रवाई
राज की गिरफ्तारी के बाद उसका परिवार इंदौर से उत्तर प्रदेश स्थित गांव चला गया है। फिलहाल कोई भी परिजन उससे मिलने नहीं आ रहा है और कोर्ट संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाने के लिए वकील ही शिलॉन्ग जेल पहुंचते हैं। बचाव पक्ष ने तर्क दिया है कि लंबे समय तक जेल में रखना आरोपी के अधिकारों का उल्लंघन है, लेकिन कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया है। इससे अन्य आरोपियों की जमानत राह भी कठिन हो गई है।  

शिलांग पुलिस सोनम की बेल को देगी चुनौती 
उधर, शिलॉन्ग पुलिस सोनम की जमानत को चुनौती देने के लिए मेघालय हाई कोर्ट का रुख करने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने दावा किया कि सोनम इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड है और उसकी रिहाई से गवाहों पर प्रभाव पड़ सकता है। शिलॉन्ग एसपी विवेक सियेम ने कहा कि जांच कानून के अनुसार जारी रहेगी और आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे। इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) पिछले 10 महीनों से जांच कर रही है। 

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