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उत्तर प्रदेश

गंगा एक्सप्रेसवे के टोल रेट में लगातार बदलाव, 3 दिन में तीसरी बार हुआ संशोधन, नई दर जानें

 प्रयागराज 
उत्तर प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देने वाला प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे आखिरकार शुरू हो चुका है. अब मेरठ से प्रयागराज सिर्फ 5-6 घंटे में पहुंचा जा सकता है. मगर, बताया जा रहा था कि इस एक्सप्रेसवे पर जितनी सुविधा मिल रही, उतना ही मोटा टोल टैक्स भी देना पड़ेगा. हालांकि, अब यात्री को उलझन में डालने वाली खबर सामने आ रही है. उद्घाटन से पहले और बाद में टोल दरों को लेकर यूपीडा उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में भारी उलझन रही. सिर्फ 3 दिन में तीन बार टोल दरें बदल दी गईं. हर कोई जानना चाहता है कि अब कितना टोल रेट देना पड़ेगा. आइए जानते हैं…

15 दिन तक फ्री सफर, पर क्यूं?
गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल को हरदोई में पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था. अब यह एक्सप्रेसवे आम लोगों के लिए शुरू हो गया है और इसपर गाड़ियां फर्राटे भरने लगी हैं. फिलहाल किसी को कोई टोल नहीं चुकाना पड़ेगा. इसका कारण है मजदूर दिवस पर योगी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर आप 15 दिन तक फ्री में सफर कर सकते हैं, यानी आपको कोई टोल नहीं देना पड़ेगा। 

क्या है खासियत?
करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ को सीधे प्रयागराज से जोड़ेगा. साल 2021 में दिसंबर महीने में इस एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया गया था. 5 वर्षों की मेहनत के बाद आज इस पर वाहन दौड़ने के लिए तैयार है. पहले जहां 10 से 12 घंटे का समय पहुंचने में लगता था अब वह घटकर 5 से 6 घंटे हो गया है. 120 किलोमीटर/घंटे की रफ्तार से अब आप इस पर सफर कर सकेंगे. गंगा एक्सप्रेस-वे 6 लेन का है. मेरठ से प्रयागराज जाने तक कुल 12 जिले पड़ेंगे। 

इतना किया था टोल दर तय
इसकी पहले टोल दरें 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर के आधार पर तय की गई थीं. पूरे एक्सप्रेसवे पर कार, जीप, वैन और हल्के मोटर वाहनों (LMV) के लिए कुल टोल 1,514 रुपये तय हुआ था. यह दरें दिसंबर 2025 के थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आधार पर तय की गई थीं. मगर, उद्घाटन से ठीक पहले 29 अप्रैल को यूपीडा ने नई दरें जारी कीं. हल्के वाहनों के लिए एक तरफ का टोल बढ़ाकर 1,800 रुपये कर दिया गया. दोपहिया, तीनपहिया और पंजीकृत ट्रैक्टर चालकों को 905 रुपये चुकाने पड़ते. तब यूपीडा (UPEIDA) ने स्पष्ट किया था कि ये दरें एक्सप्रेसवे के पहले टोल प्लाजा से आखिरी टोल प्लाजा तक की पूरी एकल यात्रा पर लागू होंगी। 

अब हुआ ये
यह दरें यहां ही तय नहीं हुईं बल्कि एक बार फिर बुधवार को 1,800 रुपये तय होने के बाद गुरुवार 30 अप्रैल को फिर संशोधन कर दिया गया. अब कार जैसे हल्के वाहनों के लिए टोल 1,765 रुपये कर दिया गया. इसमें से 1,365 रुपये अडानी एंटरप्राइजेज और 440 रुपये आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेंगे. एक्सप्रेसवे अभी प्रायोगिक दौर ट्रायल रन में चल रहा है. इसलिए उद्घाटन के बाद बुधवार रात 12 बजे से जनता के लिए खुलने के बावजूद किसी भी वाहन से टोल नहीं लिया जा रहा है। 

यूपीडा अधिकारियों का कहना है कि टोल दरों में मामूली बदलाव WPI और अन्य तकनीकी गणनाओं के आधार पर किया गया है. अंतिम दरें जल्द ही स्थिर हो जाएंगी और टोल वसूली शुरू हो जाएगी. 24 घंटे के अंदर वापसी पर 20% डिस्काउंट की सुविधा भी यात्रियों को राहत देगी. फिलहाल गंगा एक्सप्रेसवे का फ्री में मजा उठा सकते हैं। 

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