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छत्तीसगड़

महारत्न कंपनी Steel Authority of India Limited में कटौती की आहट, मैनपॉवर कॉस्ट बना कारण

भिलाई नगर.

महारत्न कम्पनी सेल में इस समय नियमित कार्मिक 49752 व ठेका श्रमिक 68066 हैं। दोनों को मिलाकर कुल मैनपॉवर 117818 है। सेल का मैनपॉवर कास्ट 11.62 प्रतिशत है। इसी को आधार बनाकर सेल की सभी यूनिटों में मैनपॉवर को कम करने कवायद जारी है। छंटनी में कितने की नौकरी जाएगी यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

इस समय नियमित कार्मिकों की तुलना में ठेका श्रमिकों की संख्या 18314 ज्यादा है। मैनपॉवर कास्ट कम करने के लिए अब दोनों की संख्या में कटौती करने के लिए सभी यूनिटों में कवायद चल रही है । इस्पात मंत्रालय का मानना है कि निजी स्टील कम्पनियों की तुलना में सेल का मैनपॉवर कास्ट 11.62 प्रतिशत है जो कि बहुत ज्यादा है। इस कास्ट को कम करने अब सेल को मैनपॉवर कम करने कहा गया है। नियमित कार्मिकों को जहां कम्पलसरी और वालंटरी रिटायरमेंट के जरिए कम किया जाएगा वहीं ठेका श्रमिकों की सीधे सीधे छंटनी की जाएगी।

बीएसपी में ज्यादा छंटनी होने के आसार आंकड़ों की बात करें तो इस समय बीएसपी में नियमित कार्मिकों की संख्या 12552 है जबकि ठेका श्रमिक 16738 हैं। बीएसपी चूंकि सबसे बड़ी यूनिट है इसलिए यहां नियमित कार्मिकों और ठेका श्रमिकों की संख्या सबसे ज्यादा है। ऐसे में तुलनात्मक रूप से यहां छंटनी की ज्यादा गुंजाइश है। सेल की अन्य यूनिटों- दुर्गापुर, राउरकेला, बोकारो, इस्को में भी आंकड़े बड़े हैं। जहां तक लेबर प्रोडक्टिविटी की बात है तो बीएसपी में यह पिछले माह 879 टन क्रूड स्टील / मैन/ वर्ष था। विगत वित्त वर्ष की औसतन लेबर प्रोडक्टिविटी 774 टन कूड स्टील/ मैन/ वर्ष थी।

दुर्गापुर का मैनपॉवर कास्ट सबसे ज्यादा
बीएसपी का मैनपॉवर कास्ट 10.90 प्रतिशत, दुर्गापुर का 13.47 प्रतिशत, राउरकेला का 10.08 प्रतिशत, बोकारो का 9.22 प्रतिशत, इस्को का 6.54 प्रतिशत है। इस तरह इस समय सबसे ज्यादा मैनपॉवर कास्ट दुर्गापुर का है। इन यूनिटों के अलावा अन्य यूनिटों को अपना मैनपॉवर कास्ट कम करने कहा जा रहा है। मैनपॉवर कास्ट को ही इस्पात मंत्रालय ने मैनपॉवर में कटौती करने का आधार बनाया है।

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