<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
छत्तीसगड़

प्रशासनिक फेरबदल में बड़े बदलाव, इन अधिकारियों का तबादला और नई जिम्मेदारी सौंपी गई

रायपुर 

छत्तीसगढ़ में से बड़े प्रशासनिक फेरबदल की खबर सामने आई है। यहां डिप्टी कलेक्टर टीकाराम देवांगन का तबादला किया गया है। उन्हें जिला कार्यालय कांकेर में भेजा गया है। इसके लिए कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आदेश जारी किया है।  

जारी आदेश के अनुसार, डिप्टी कलेक्टर टीकाराम देवांगन को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर के पद से हटाया गया। उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपते हुए जिला कार्यालय कांकेर में पदस्थ किया गया है। वहीं, उनके स्थान पर मनीष देव साहू, जो डिप्टी कलेक्टर एवं नजूल अधिकारी कांकेर के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस आदेश के तहत जिला प्रशासन में जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है, ताकि प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

छत्तीसगढ़ सरकार ने आगामी महत्वपूर्ण प्रशासनिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से शासकीय कर्मचारियों के अवकाश संबंधी नियमों को अस्थायी रूप से कड़ा कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश को बुधवार को सभी विभागों में भेजा गया। जारी निर्देशों के अनुसार, अगले तीन महीनों तक बिना पूर्व स्वीकृति किसी भी कर्मचारी को अवकाश पर जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासनिक अधिकारीयों के अनुसार, यह निर्णय जनगणना कार्य और राज्य में प्रस्तावित 'सुशासन तिहार' जैसे बड़े कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित न हो और सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जा सकें।

जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना अनुपस्थित रहने को अनुशासनहीनता माना जाएगा और ऐसे मामलों में विभागीय कारर्वाई की जा सकती है। वहीं, आकस्मिक परिस्थितियों में भी कर्मचारियों को अवकाश लेने से पहले दूरभाष या डिजिटल माध्यम से सूचना देना अनिवार्य होगा तथा बाद में इसकी औपचारिक पुष्टि करनी होगी। इसके अतिरिक्त, लंबी अवधि के अवकाश पर जाने से पूर्व संबंधित कर्मचारी को अपने कार्यभार का विधिवत हस्तांतरण सुनिश्चित करना होगा, ताकि कार्यालयीन कार्य प्रभावित न हों।

राज्य सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय अधिकारियों और जिला कलेक्टरों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। इसे प्रशासनिक दक्षता बनाए रखने और प्राथमिकता वाले कार्यों को समय पर पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button