<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
मध्यप्रदेश

इंदौर में जलसंकट बढ़ा, गर्मी के चलते निर्माण कार्य और सर्विस स्टेशनों में बोरिंग और नर्मदा जल का उपयोग

इंदौर 
इंदौर में जैसे-जैसे गर्मी के तेवर तेज हो रहे हैं, शहर में जलसंकट भी गहराता जा रहा है। स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने 100 से अधिक टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की है।

इसके साथ ही शुक्रवार से निर्माण कार्यों और सर्विस स्टेशनों पर बोरिंग व नर्मदा जल के उपयोग पर रोक लगा दी गई है। इन कार्यों के लिए अब संचालकों को केवल ट्रीटेड पानी का उपयोग करना होगा।

नगर निगम ने मध्य प्रदेश नगर पालिक अधिनियम की उपविधियों का हवाला देते हुए यह प्रतिबंध 30 जून तक लागू किया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्देशों का उल्लंघन किया गया, तो संबंधित बोरिंगों का अधिग्रहण करने के साथ ऑटोमोबाइल सेंटरों को सील भी किया जाएगा।नगर निगम के अनुसार, शहर के 35 स्थानों पर ट्रीटेड वॉटर के हाइड्रेंट स्थापित किए गए हैं, जहां से पानी लेकर निर्माण कार्यों में तराई के लिए उपयोग किया जा सकता है।
 शहर में निजी और सार्वजनिक बोरिंगों की संख्या एक लाख से अधिक है। हर साल गर्मी बढ़ते ही कई बोरिंग सूख जाते हैं या उनकी जल क्षमता घट जाती है। इसके चलते कई रहवासियों को निजी टैंकरों से पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

वाटर रिचार्जिंग अनिवार्य
जलसंकट से निपटने के लिए नगर निगम ने रहवासी, बाजार और औद्योगिक क्षेत्रों में वाटर रिचार्जिंग को अनिवार्य कर दिया है। भवन निर्माताओं को जून तक रिचार्जिंग व्यवस्था करने का समय दिया गया है। इसके बाद निगम अभियान चलाकर स्थिति की समीक्षा करेगा। नियमों का पालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
 
जलूद से रोजाना 500 एमएलडी पानी की आपूर्ति
इंदौर को जलूद से प्रतिदिन 500 एमएलडी पानी मिलता है, जिससे शहर की 40 से अधिक टंकियां भरी जाती हैं। इसके अलावा 35 एमएलडी पानी यशवंत सागर से प्राप्त होता है। वहीं बोरिंगों से करीब 30 एमएलडी पानी का उपयोग किया जाता है हालांकि, गर्मी के दौरान बोरिंगों और यशवंत सागर से पानी की आपूर्ति कम हो जाती है, जिससे मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ जाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button