<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
स्वस्थ-जगत

गर्मी में मसल्स क्रैम्प क्यों होते हैं? जानिए कारण, लक्षण और बचाव के आसान उपाय

मसल्स की अचानक और खुद होने वाली संकुचन-अकड़न को क्रैम्प कहते हैं। इसका एहसास हल्के से लेकर ज्यादा गंभीर तक हो सकता है। महिलाओं में एब्डोमिनल क्रैम्प के ज्यादा मामले देखे जाते हैं, जो कि मेंस्ट्रुएशन से जुड़े होते हैं। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में डिसमेनोरिया कहा जाता है। लेकिन मेंस्ट्रुअल साइकिल के अलावा भी गर्मी में क्रैम्प के पीछे कई कारण हो सकते हैं।

डिहाइड्रेशन
गर्मी में होने वाले क्रैम्प का सबसे आम कारण डिहाइड्रेशन है। ज्यादा तापमान की वजह से ज्यादा पसीना आता है और शरीर से फ्लूइड तेजी से कम होने लगता है। डिहाइड्रेट होने पर मसल्स में ऐंठन और अकड़न आने का खतरा रहता है। पसीने में पानी के साथ सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स भी निकल जाते हैं। ये सारे मिनरल्स मसल्स के फंक्शन में महत्वपूर्ण रोल निभाते हैं और इनका असंतुलन क्रैम्प का सीधा कारण बन सकता है।

ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी
गर्मी में फिजिकल एक्टिविटी बढ़ने से भी क्रैम्प हो सकते हैं। जो लोग गर्मी के दौरान आउटडोर एक्सरसाइज, ट्रैवल या रिक्रिएशनल एक्टिविटीज ज्यादा करते हैं, उनकी मसल्स में स्ट्रेन आने से थकान हो सकती है। इसके साथ हाइड्रेशन का ध्यान ना रखने से क्रैम्प की संभावना बढ़ जाती है। महिलाओं में मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान हॉर्मोन के अंदर आने वाले उतार-चढ़ाव से क्रैम्प इंटेंस हो जाते हैं और डिहाइड्रेशन की वजह से इसकी गंभीरता बढ़ जाती है।

क्रैम्प से बचने के लिए क्या करें?
क्रैम्प को घर पर आसानी से मैनेज किया जा सकता है। सबसे पहले आपको बॉडी को हाइड्रेट रखना चाहिए। दिनभर के दौरान पर्याप्त पानी पीने के साथ शरीर में फ्लूइड बैलेंस रहता है और नारियल पानी या ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) पीकर इलेक्ट्रोलाइट्स को पूरा कर सकते हैं। बैलेंस्ड डाइट लेना भी जरूरी है, इसके लिए पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम से भरपूर केला, डेयरी प्रोडक्ट्स, नट्स और हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं।

तुरंत राहत पाने के लिए क्या करें?
क्रैम्प वाली जगह पर गर्म सिकाई करने से मसल्स और दर्द में तुरंत आराम मिलता है, इसके लिए आप हीटिंग पैड या गर्म पानी की बोतल का इस्तेमाल कर सकते हैं। खासकर पेट के क्रैम्प में यह उपाय असरदार साबित होता है। मसल्स क्रैम्प को दूर करने के लिए हल्की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज या योगा जैसी हल्की फिजिकल एक्टिविटी से फायदा मिलता है। यह तरीका ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर मांसपेशियों की अकड़न दूर करता है। कैफीन का ज्यादा सेवन ना करें, क्योंकि यह डिहाइड्रेशन कर सकता है। ओवर द काउंटर वाली दर्द निवारक दवाओं का बहुत कम सेवन करना चाहिए और अगर यह समस्या लगातार परेशान कर रही है तो खुद इलाज ना करें।

ये लक्षण दिखने पर डॉक्टर को दिखाएं?
अधिकतर क्रैम्प अस्थाई होते हैं और खतरनाक साबित नहीं होते, लेकिन कुछ लक्षण दिखने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए और तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। अगर घरेलू उपाय आजमाने के बाद भी दर्द लगातार बना हुआ है या गंभीर हो रहा है तो डॉक्टर को तुरंत दिखाएं। महिलाओं को अगर क्रैम्प के साथ हेवी मेंस्ट्रुअल ब्लीडिंग, अनियमित मेंस्ट्रुअल साइकिल हो रही है या दर्द गंभीर हो रहा है तो प्रोफेशनल की मदद लेनी चाहिए।

इसके अलावा, क्रैम्प के साथ सूजन, लालिमा, चक्कर आना, उल्टी या बेहोशी जैसी दिक्कतें होने के पीछे कोई छिपी हुई सीरियस प्रोब्लम हो सकती है, जैसे इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, इंफेक्शन या एंडोमेट्रियोसिस जैसी गायनेकोलॉजिकल कंडीशन।

गर्मी में क्रैम्प होना आम है और इससे बचना भी आसान है। हाइड्रेशन का ध्यान रखने, बैलेंस्ड डाइट लेने और आसान उपाय आजमाने से इसका खतरा कम किया जा सकता है। अपने शरीर की सुनें और दिक्कत बढ़ने पर इग्नोर करने की जगह डॉक्टर की मदद लें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button