<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
देश

महिला आरक्षण कानून 2023 की आधी रात को संसद में महा-बहस के बाद हुई घोषणा, नोटिफिकेशन जारी

नई दिल्ली

सरकार ने गुरुवार से 2023 का नारी शक्ति अभिनंदन अधिनियम देशभर में लागू कर दिया।  सरकार ने यह फैसला ऐसे वक्त में लिया है, जब इस पर संसद में बहस जारी है इस अधिनियम में बदलाव के लिए कल यानी गुरुवार को ही लोकसभा में बिल आया और देर रात करीब 1.20 बजे तक चर्चा चली। आज भी इस पर दिनभर चर्चा होगी और शाम में करीब 4 बजे इस पर वोटिंग होगी। वहीं कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा 16 अप्रैल को पेश किए गए प्रस्ताव पर आगे विचार करते हुए, निम्नलिखित विधेयक लोकसभा में पारित करने के लिए पेश किए जाएंगे।

    संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक
     2026 और परिसीमन विधेयक, 2026।

गुरुवार की देर रात तक बहस चली
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर गुरुवार की देर रात तक संसद में बहस चली। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर लोकसभा में बहस जारी है और इस बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करने वाला महिला आरक्षण अधिनियम 2023 को 16 अप्रैल बृहस्पतिवार से लागू कर दिया है।  

केंद्रीय विधि मंत्रालय द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन यानी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है। हालांकि, यह तुरंत पता नहीं चल पाया है कि संसद में इस महिला आरक्षण कानून में संशोधन करने और इसे 2029 में लागू करने पर जारी चर्चा के बीच 2023 के अधिनियम को 16 अप्रैल से प्रभावी क्यों अधिसूचित किया गया है? 

मौजूदा लोकसभा में नहीं होगा लागू
एक सरकारी अधिकारी ने इसे ‘तकनीकी कारणों' से जुड़ा मामला बताया, लेकिन इस पर विस्तृत जानकारी नहीं दी. अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कानून के लागू हो जाने के बावजूद मौजूदा लोकसभा में महिला आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता. अधिकारी के अनुसार, महिलाओं के लिए आरक्षण केवल जनगणना के बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू किया जा सकेगा। 

'सरकार श्रेय लेना नहीं चाहती'
इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पर शुक्रवार शाम 4 बजे सदन में वोटिंग होगी. संसद में महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन पर चल रही चर्चा को लेकर रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी से इसका समर्थन करने की अपील की है. इसके बाद किसी तरह के भ्रम की गुंजाइश नहीं है। 

गृह मंत्री अमित शाह ने भी दक्षिण भारत में फैल रही आशंकाओं को आंकड़ों के जरिए दूर किया है. इसके बावजूद अगर कोई विरोध करता है तो वह इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है. संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है और सरकार इसका श्रेय लेना नहीं चाहती। 

विपक्ष के दावों पर सवाल उठाते हुए रिजिजू ने कहा कि सरकार ने सभी दलों के नेताओं से बातचीत की है. कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को तीन बार पत्र लिखे गए, जबकि टीएमसी, डीएमके और सपा के नेताओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर समर्थन की अपील की गई। 

महिला आरक्षण पर ये बोले पीएम मोदी 
संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर जोरदार बहस हुई थी. पीएम मोदी ने अपनी स्पीच में विपक्ष को आइना दिखाते हुए कहा, 'चुनाव में महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस जिसने विरोध किया, उसका हाल बुरा हुआ है. मैं अपील करने आया हूं कि इसको राजनीतिक तराजू से मत तौलिए. आज का यह अवसर एक साथ बैठकर एक दिशा में सोचकर विकसित भारत बनाने में खुले मन से स्वीकार करने का अवसर है. पूरा देश विशेषकर नारी शक्ति हमारे निर्णय तो देखेगी, लेकिन उससे ज्यादा हमारी नीयत को देखेगी, इसलिए हमारी नीयत की खोट देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी। 

प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरा
वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा, महिला आरक्षण पर मैंने इसका प्रारूप पढ़ा है. सबसे पहले इसमें लिखा है कि महिला आरक्षण 2029 तक लागू हो, हम सहमत हैं. दूसरा है कि सीटों की संख्या 850 तक बढ़ाई जाएगी. इसके लिए परिसीमन आयोग बनाया जाएगा जो 2011 की जनगणना को आधार बनाएगा. इसकी गहराई में जाएं तो इसमें राजनीति की बू आती है. 2023 के बिल में दो चीजें थी जो इसमें नहीं है. उसमें लिखा था कि नई जनगणना कराई जाएगी। 

प्रियंका ने कहा कि वे कह रहे हैं कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए. बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती हैं. सावधान हो जाइए नहीं तो पकड़े जाएंगे. 2023 में मोदी सरकार ने जब यह बिल पास किया तो हमने उसका समर्थन किया. आज भी उसमें कोई शक नहीं होना चाहिए कि कांग्रेस इसका समर्थन नहीं करेगी. हम डटकर खड़े हैं। 

क्या कहता है सरकार का नोटिफिकेशन
कानून मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है, 'संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार 16 अप्रैल, 2026 को वह तिथि नियुक्त करती है, जिस दिन उक्त अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे। 

गौरतलब है कि सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया था, जिसे महिला आरक्षण कानून के नाम से जाना जाता है. यह कानून लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान करता है। 

हालांकि, 2023 के कानून के अनुसार यह आरक्षण 2027 की जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन से जुड़ा होने के कारण 2034 से पहले लागू नहीं हो सकता था. लोकसभा में वर्तमान में जिन तीन विधेयकों पर चर्चा हो रही है, उन्हें सरकार ने इसी उद्देश्य से पेश किया है कि महिला आरक्षण को 2029 से लागू किया जा सके। 

क्या है महिला आरक्षण कानून
अधिसूचना के अनुसार, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार  16 अप्रैल, 2026 को वह तिथि घोषित करती है जिस दिन से उक्त अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीट आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। 2023 के कानून के तहत आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया के पूरा होने से जुड़ा हुआ है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button