<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
मध्यप्रदेश

भोपाल की हाई-प्रोफाइल लड़कियां रील्स से नशा बेचने का तरीका सीख रही थीं, VIP स्टाइल में पुलिस को चकमा

भोपाल
 राजधानी भोपाल में क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने नशा तस्करी के एक ऐसे गिरोह को दबोचा है, जो लग्जरी और सादगी के मुखौटे के पीछे काला कारोबार कर रहा था। भोपाल पुलिस ने दो युवतियों और उनके एक पुरुष साथी को ओडिशा से गांजा लाकर भोपाल में बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एसी फर्स्ट क्लास में वीआईपी बनकर सफर करते थे, क्योंकि उन्हें पता था कि पुलिस महिलाओं और रईस दिखने वाले यात्रियों की तलाशी कम ही लेती है। पुलिस ने इनके पास से करीब 6.285 किलो गांजा और मोटरसाइकिल बरामद की है।

रील्स ने दिखाया रास्ता
पकड़ी गई युवतियों में से एक M.Com की छात्रा है जो कॉल सेंटर में काम करती है, जबकि दूसरी 10वीं पास है और एक दुकान पर काम करती थी। उनका साथी प्रॉपर्टी डीलर है। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि उन्हें ओडिशा से सस्ते गांजे की तस्करी का आईडिया सोशल मीडिया रील्स, विज्ञापनों और खबरों से मिला था। उन्होंने देखा कि ओडिशा में गांजा 4,000–5,000 रुपये प्रति किलो मिल जाता है, जबकि भोपाल में इसे 40,000 रुपये तक में बेचा जा सकता है।

तस्करों ने पुलिस की मानसिकता को हथियार बनाया था, उन्हें लगा कि अमीर दिखने वालों पर हाथ नहीं डाला जाएगा। पर अपराधियों का हर हाई फाई तरीका पुलिस के रडार पर है।

जांच अधिकारी
विदेशी टूरिस्ट का हुलिया बनाकर करते थे सफर

इन युवतियों का तस्करी का तरीका बेहद शातिर था। ये महंगे कपड़े पहनती थीं और उनके पास मौजूद बैग विदेशी पर्यटकों जैसे होते थे। वे जानबूझकर एसी फर्स्ट क्लास में टिकट बुक कराती थीं। उन्हें पता था कि पुलिस आमतौर पर एसी कोच के यात्रियों, खासकर महिलाओं पर शक नहीं करती। इसी एलीट क्लास की आड़ में वे भारी मात्रा में गांजा छिपाकर भोपाल लाती थीं। लेकिन एक ग्राहक द्वारा पुलिस मुखबिर को दी गई सूचना ने इनके इस सफर का अंत कर दिया।
 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button