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छत्तीसगड़

बस्तर में शांति के बाद विकास का नया चरण: ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ पर पीएम मोदी से चर्चा

बस्तर में शांति के बाद विकास का नया चरण : ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से चर्चा

प्रधानमंत्री से मुलाकात में नक्सलवाद समाप्ति पर आभार, बस्तर के समग्र विकास की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत

रायपुर 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  से भेंट कर बस्तर के समग्र, समावेशी एवं सतत विकास के लिए तैयार ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश की तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके संकल्प और मार्गदर्शन में 31 मार्च तक माओवाद के उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि अब बस्तर में शांति स्थापित होने के बाद राज्य सरकार का फोकस तेजी से विकास, रोजगार सृजन और जनजीवन को सशक्त बनाने पर है। इसके तहत बस्तर रोडमैप 2.0 में एग्रो एवं एग्रो-फॉरेस्ट सेक्टर, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, और पर्यटन विकास को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।

‘नियद नेल्ला नार’ योजना की सफलता पर प्रधानमंत्री ने जताई प्रसन्नता

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बस्तर में अब तक किए गए विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज की रणनीति पर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की और कहा कि इससे गंभीर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत किए गए कार्यों का नेशनल काउंसिल फॉर एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) द्वारा थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराया गया है। सर्वे के अनुसार 93 प्रतिशत गांवों में प्राथमिक स्कूल उपलब्ध हैं, जहाँ 97 प्रतिशत बच्चों को मध्याह्न भोजन, गणवेश एवं पुस्तकें मिल रही हैं। 97 प्रतिशत गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जबकि अधिकांश गांव आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से जुड़े हैं और 89 प्रतिशत ग्रामीणों का आयुष्मान कार्ड बन चुका है। मार्च 2026 तक राशन कार्ड एवं आधार कार्ड का संतृप्तिकरण 95 प्रतिशत से अधिक हो चुका है।

कनेक्टिविटी, आजीविका और सामाजिक सशक्तिकरण पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर रोडमैप 2.0 के तहत ‘नियद नेल्ला नार योजना’ का विस्तार करते हुए अब इसमें 10 जिलों को शामिल किया जा रहा है, जिनमें बस्तर के 7 जिलों के साथ गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई भी शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना प्रारंभ की गई है, जो वर्तमान में बस्तर के 38 मार्गों पर संचालित है। साथ ही, बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से क्षेत्र में आत्मगौरव और नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

नक्सल-मुक्त पंचायतों में एल्वद योजना के तहत एक करोड़ रुपए तक के विकास कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं, वहीं आत्मसमर्पित नक्सलियों और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई के क्षेत्र में तेजी से विस्तार

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि दंतेवाड़ा एजुकेशन सिटी की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में भी एजुकेशन सिटी बनाई जा रही है। जगदलपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रारंभ हो चुका है तथा दूरस्थ क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्र भी अब सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं।दंतेवाड़ा के गीदम में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है।

उन्होंने जानकारी दी कि इंद्रावती नदी पर मटनार और देउरगांव बैराज सहित 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक की सिंचाई परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिससे कृषि और जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी।

आजीविका उन्नयन और आय वृद्धि पर केंद्रित रणनीति

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपए से कम है, जिसे अगले तीन वर्षों में बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रति माह तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए आत्मनिर्भर आजीविका क्लस्टर विकसित किए जाएंगे और हितग्राहियों को एनआरएलएम, सहकारी समितियों, एफपीओ एवं वनधन केंद्रों से जोड़ा जाएगा।

साथ ही, ‘बस्तर मुन्ने’ नामक संतृप्तता शिविर कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसके माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत में शिविर लगाकर लोगों को योजनाओं का लाभ और समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रधानमंत्री को बस्तर आने का दिया न्यौता

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बस्तर की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी  से विशेष स्नेह रखती है और प्रधानमंत्री का भी इस क्षेत्र के प्रति गहरा लगाव है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बस्तर आने का निमंत्रण देते हुए रेल एवं सिंचाई परियोजनाओं के भूमिपूजन के लिए समय देने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री से हुई यह भेंट अत्यंत उपयोगी रही और उनके मार्गदर्शन के अनुरूप राज्य सरकार बस्तर के सर्वांगीण विकास की दिशा में तेजी से कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर अब भविष्य की संभावनाओं का केंद्र बनकर उभर रहा है।

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