<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
मध्यप्रदेश

इंदौर के ट्रिपल लेयर ब्रिज से तीन एनएच मार्गों को मिलेगा रास्ता, पचास हजार वाहन होंगे प्रभावित

इंदौर

इंदौर के बायपास पर एमआर-10 जंक्शन पर थ्री लेयर फ्लायओवर का काम 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। हालांकि, दो साल में फ्लायओवर का निर्माण पूरा होना था, लेकिन इसमें देरी हुई। अब यह ब्रिज अक्तूबर तक बनकर तैयार होगा। ब्रिज पर देश का सबसे बड़ा पियर कैप बनाया जा रहा है, जिसकी चौड़ाई 27 मीटर रहेगी। इसी पियर कैप के ऊपर गर्डर रखे गए हैं। 

इंदौर के एमआर-10 जंक्शन पर ब्रिज बनाने की जरूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि यहां तीन राष्ट्रीय राजमार्ग आकर मिलते हैं। एबी रोड के अलावा इंदौर-अहमदाबाद और इंदौर-नागपुर हाईवे इस जंक्शन से जुड़ते हैं। नागपुर को जोड़ने के लिए इंदौर-हरदा के लिए 25 किलोमीटर लंबा बायपास बनाया गया है। इसका ट्रैफिक अंडरपास से होकर गुजरेगा।

वाहनों की एंट्री आसान हो जाएगी
इस ब्रिज के निर्माण से हर दिन 50 हजार से ज्यादा वा
हन चालकों को फायदा होगा। इसके अलावा इंदौर आने वाले वाहनों की एंट्री आसान हो जाएगी। अभी तक बोगदों के भीतर से वाहनों को आना पड़ता है और इस कारण कई बार ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है, लेकिन अब इससे भी राहत मिलेगी। बेस्ट प्राइस की तरफ के मार्ग से वाहन इंदौर की ओर ब्रिज के नीचे से आ सकेंगे।

फ्लायओवर का एक हिस्सा जंक्शन पर बंगाली चौराहे की तरफ बना है, जबकि दूसरे सिरे का निर्माण बेस्ट प्राइस के पास हुआ है। डेढ़ किलोमीटर लंबे इस ब्रिज के नीचे एक और ब्रिज बन चुका है, जिस पर एबी रोड का ट्रैफिक गुजर रहा है। महाराष्ट्र की ओर जाने वाले वाहन इस ब्रिज का उपयोग कर रहे हैं, जबकि अंडरपास को इंदौर-हरदा मार्ग से जोड़ा गया है। अंडरपास बनकर तैयार हो चुका है। अब सड़क निर्माण स्टार चौराहा तक किया जाएगा। इंदौर-हरदा मार्ग का निर्माण भी अंतिम दौर में है।

एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, मुंबई के सी लिंक की तर्ज पर ब्रिज पर एस्थेटिक केबल से लाइटिंग की जाएगी, ताकि यह आकर्षक दिखे। यह फ्लायओवर इंदौर की एंट्री का मुख्य मार्ग भी बनेगा। यहां से ज्यादातर वाहन शहर में आ-जा सकेंगे। सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि यह प्रदेश का पहला तीन स्तरीय ब्रिज है, जो राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ-साथ इंदौर की एंट्री को भी आसान बनाएगा।
  

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button