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राजनीति

मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस में बढ़ी हलचल, तीन दावेदारों पर मंथन जारी

भोपाल 
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों को लेकर चुनाव होना है। राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का कार्यकाल खत्म हो रहा है और दिग्विजय सिंह पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि वे अब राज्यसभा नहीं जाएंगे। इसके बाद मध्यप्रदेश काग्रेस में हलचल तेज है और मध्यप्रदेश से तीन नाम चर्चाओं में है। आंकड़ों के हिसाब से एक सीट कांग्रेस को मिलना तय है। मौजूदा सदस्य दिग्विजय सिंह ने भले ही दोबारा राज्यसभा में जाने से इनकार कर दिया, लेकिन उन्होंने अपने खास समर्थक पीसी शर्मा (pc sharma) का नाम आगे बढ़ा दिया है। इधर, दिल्ली की पसंद मीनाक्षी नटराजन है तो दलित कोटे से सज्जन सिंह वर्मा ताल ठोक रहे हैं।

मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीट खाली हो रही हैं जिसके चुनाव होने वाले हैं। मध्यप्रदेश में विधायकों की संख्या के हिसाब से दो सीट भाजपा और एक कांग्रेस के पास जाना तय है। इसके चलते कांग्रेस में अंदरूनी घमासान चल रहा है। दावेदारों की फेहरिस्त में सांसद रही मीनाक्षी नटराजन का नाम सबसे ऊपर है, जिसे कांग्रेस सुप्रीमो व लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (rahul gandhi) आगे बढ़ा सकते हैं। मध्यप्रदेश मे इस वक्त राज्यसभा के 11 सांसद है। इनमें भाजपा के जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी और कांग्रेस के दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 21 जून 2026 को खत्म होने वाला है।

 वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (digvijay singh) ने भी दांव खेलते हुए कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे पीसी शर्मा (pc sharma) का नाम आगे कर दिया। उनका तर्क है कि कांग्रेस के पास मजबूत ब्राह्मण नेता नहीं है। शर्मा को बनाने से बड़े समाज की पार्टी को सहानुभूति मिलेंगी। इधर, सांसद रहे सज्जन सिंह वर्मा (sajjan singh verma) भी राज्यसभा जाना चाहते हैं। हालांकि उनके साथ विडंबना है कि लॉबिंग करने वाला दिल्ली में कोई बड़ा नेता नहीं है। हालांकि उन्हें विश्वास है कि पार्टी दलित कार्ड खेलते हुए उन्हें मौका दे सकती है।

कांग्रेस के लिए जीत आसान नहीं
राज्यसभा सदस्य बनने के लिए 58 वोट की आवश्यकता है तो कांग्रेस के पास कुल 66 वोट थे। उसमें विधायक मुकेश मल्होत्रा (mukesh malhotra) को सुप्रीम कोर्ट ने विधायक बने रहने की राहत तो दे दी है, लेकिन वोटिंग का अधिकार छीन लिया। बुधवार को दतिया विधायक राजेंद्र भारती (rajendra bharti) को कोर्ट ने जेल भेज दिया। उनके वोट को लेकर भी संकट खड़ा है। इसके अलावा निर्मला सप्रे का वोट भी उन्हें नहीं मिलेगा। ऐसी स्थिति में कांग्रेस के पास 63 वोट ही बचे हैं जिसमें से पांच वोट क्रॉस वोटिंग में चले गए तो खेल बदल जाएगा। तीसरी सीट भी भाजपा के पास जा सकती है। ऐसा ही कुछ जादू भाजपा हरियाणा में दिखा चुकी है।

देखें राजनीतिक गणित
0-कांग्रेस के विधायक मकेश मल्होत्रा वोट नहीं डाल पाएंगे। कोर्ट ने हाल ही में उनका चुनाव शून्य घोषित कर दिया था, लेकिन वे अपील में चले गए तो उन्हें स्टे दे दिया, लेकिन वोट नहीं डाल पाएंगे।
0-विपक्ष के उपनेता हेमंत कटारे ने बजट सत्र में पारिवारिक कारण बताकर इस्तीफा दे दिया था। हालांकि कटारे ने साफ कर दिया है कि उनका किसी से कोई विवाद भी नहीं है और वे भाजपा में जाने का सोच भी नहीं सकते हैं।
0- इसके अलावा बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे पर भी दल बदल कानून के तहत मामला चल रहा है।
0-कल ही दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को कोर्ट ने धोखाधड़ी के मामले में दोषी करार दिया। गुरुवार को उन्हें तीन साल की सजा सुना दी। अब ऐसी स्थिति में वे विधायक रहेंगे तो ही वोट डाल पाएंगे।

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