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उत्तर प्रदेश

साइलेज टेंडर को लेकर सरकार सख्त, 6 जिलों में पूर्ण, बाकी में काम तेज

लखनऊ

प्रदेश में गोवंश संरक्षण को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार एक्शन मोड में नजर आ रही है। भूसा और साइलेज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके तहत कई जिलों में टेंडर प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है, जबकि 6 जिलों में साइलेज टेंडर की प्रक्रिया पूरी भी कर ली गई है। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि गोआश्रय स्थलों पर चारे की किसी भी प्रकार की कमी न होने पाए। खासतौर पर गर्मी के मौसम को देखते हुए भूसा और साइलेज का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। शासन स्तर से लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति बनी रहे।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिन जिलों में साइलेज टेंडर पूरे हो चुके हैं, वहां जल्द ही आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। वहीं शेष जिलों में भी टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है और अधिकारियों को इसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की सख्ती का ही परिणाम है कि इस बार टेंडर प्रक्रिया में देरी नहीं हो रही है। 

निर्देशों में कहा गया है कि दान एवं क्रय के माध्यम से विशेष भूसा संग्रह अभियान 15 अप्रैल से प्रारंभ किया जाए। प्रत्येक गो-आश्रय स्थल की 4 किलोमीटर परिधि में स्थित गोचर भूमि को सम्बद्ध करते हुए चारा आच्छादन का विस्तार किया जाए। इस महत्वपूर्ण पहल के तहत योगी सरकार किसानों से सीधे भूसा खरीद को भी बढ़ावा दे रही है। इससे न केवल गोआश्रय स्थलों को समय पर चारा उपलब्ध होगा, बल्कि किसानों को भी उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है। 

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि भूसा और साइलेज की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। आपूर्ति किए जाने वाले चारे की नियमित जांच सुनिश्चित की जाएगी, ताकि पशुओं के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। योगी सरकार के इस सक्रिय और सख्त रुख से प्रदेश के गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाएं बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही, समय पर चारा उपलब्ध होने से पशुओं की देखभाल में सुधार होगा और किसानों को भी आर्थिक रूप से लाभ मिलेगा।

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