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31 मार्च डेडलाइन! ये जरूरी प्रक्रिया न की तो बंद हो सकती है आपकी पेंशन

पटना

बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे लाखों लाभार्थियों के लिए प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है। सभी पेंशनधारियों को आगामी 31 मार्च 2026 तक अपना 'जीवन प्रमाणन' कराना अनिवार्य कर दिया गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी न करने वाले लाभार्थियों की पेंशन तत्काल प्रभाव से रोक दी जाएगी।

बांका में 72 हजार से अधिक आवेदन लंबित
प्रशासन का यह कदम सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने और मृत व्यक्तियों के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए उठाया गया है। बांका जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 2,52,911 पेंशनधारी पंजीकृत हैं। सेवा केंद्रों के माध्यम से 22 दिसंबर 2025 से निःशुल्क प्रमाणीकरण की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 1,80,821 लाभार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है, लेकिन अभी भी 72,390 पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित है। इसके अलावा, 2,638 ऐसे मामले हैं जहां आधार मैपिंग की समस्या आ रही है।

इन 6 प्रमुख योजनाओं पर लागू होगा नियम

जीवन प्रमाणन की यह प्रक्रिया निम्नलिखित योजनाओं के लाभार्थियों के लिए अनिवार्य है:

    मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना
    इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना
    विधवा पेंशन योजना
    निःशक्तता (दिव्यांग) पेंशन योजना
    लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना
    अन्य राजकीय सामाजिक सुरक्षा योजनाएं

गलत जानकारी पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी (DM) नवदीप शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी जीवित व्यक्ति को गलत तरीके से मृत घोषित कर उसकी पेंशन बंद की जाती है, तो इसकी उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी। वहीं, मृत पेंशनधारियों के मामले में परिजनों से लिखित पुष्टि अनिवार्य की गई है। पुष्टि न होने की स्थिति में पेंशन अस्थायी रूप से बंद कर इसकी सूचना पंचायत भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा की जाएगी।

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