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विदेश

विक्रम दुरईस्वामी की चीन में तैनाती, क्या भारत-चीन रिश्तों में आएगी नई गर्माहट?

चीन
चीन के साथ संबंधों के फिर से धीरे-धीरे पटरी पर लौटने के बीच भारत ने गुरुवार को अनुभवी राजनयिक विक्रम दोराईस्वामी को भारत का नया राजदूत नियुक्त किया है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नए राजदूत जल्द ही अपना कार्यभार संभालेंगे। गौरतलब है कि चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों में लंबे समय तक चले तनाव के बाद दुरईस्वामी की राजदूत के रूप में नियुक्ति को काफी अहम माना जा रहा है।

भारतीय विदेश सेवा के 1992 बैच के वरिष्ठ अधिकारी दुरईस्वामी, प्रदीप कुमार रावत का स्थान लेंगे। वे इससे पहले भी बीजिंग में भारतीय दूतावास में काम कर चुके हैं और उन्हें विदेश मामलों का खासा अनुभव है। बता दें कि दोराईस्वामी इस समय ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त के रूप में कार्यरत हैं।

कौन हैं दुरईस्वामी?
विक्रम के. दुरईस्वामी 23 सितंबर, 2022 से ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने 1992 में भारतीय विदेश सेवा (IFS) में शामिल होने से पहले एक वर्ष तक पत्रकार के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री प्राप्त की थी। उनके करियर की शुरुआत 1994 में हांगकांग में सचिव के रूप में हुई, जहां उन्होंने चीनी विश्वविद्यालय के न्यू एशिया येल-इन-एशिया भाषा स्कूल से चीनी भाषा सीखी और इसके बाद 1996 से उन्होंने बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास में लगभग चार वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। 2000 में नई दिल्ली लौटने पर, उन्हें उप प्रोटोकॉल प्रमुख (औपचारिक) नियुक्त किया गया और बाद में उन्होंने प्रधानमंत्री के निजी सचिव के रूप में भी कार्य किया।

लंबा अनुभव प्राप्त
दुरईस्वामी 2011 में विदेश मंत्रालय (MEA) में सार्क (SAARC) प्रभाग के प्रमुख के रूप में लौटे और 2012 में नई दिल्ली में चौथे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समन्वयक रहे। इसके बाद उन्होंने 2012 से 2014 तक विदेश मंत्रालय के अमेरिका प्रभाग के संयुक्त सचिव का पद संभाला। ब्रिटेन आने से पहले, दुरईस्वामी ने अक्टूबर 2020 से सितंबर 2022 तक बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त के रूप में कार्य किया।

जैज संगीत में रुचि
अपनी आधिकारिक जिम्मेदारियों के अलावा उनकी रुचि पढ़ने, खेल, फिटनेस, यात्रा, इतिहास और जैज संगीत में है। वे चीनी, फ्रांसीसी और कुछ हद तक कोरियाई भाषा भी बोलते हैं। उनकी पत्नी संगीता एक शिक्षिका हैं और दोनों का एक 23 वर्षीय पुत्र भी है।

 

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