<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
मध्यप्रदेश

सिंहस्थ-2028 में आने वाले सभी श्रद्धालु होंगे हमारे अतिथि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को उज्जैन में 662 करोड़ रूपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसमें उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा क्रियान्वित नगर विकास योजनाएँ, सिंहस्थ-2028 संबंधी कार्य एवं गीता भवन का भूमि-पूजन शामिल है। राज्यपाल  पटेल ने कहा है कि उज्जैन विकास की 662 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत वाली विभिन्न योजनाओं का भूमि-पूजन केवल अवसंरचनाओं का निर्माण मात्र नहीं है। यह उज्जैन के गौरवशाली भविष्य और सांस्कृतिक एवं अभ्युदय का शंखनाद है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के माध्यम से समर्थ, समृद्ध और सशक्त विकसित भारत के दिव्य संकल्प की सिद्धि का प्रतीक भी है। उन्होंने त्रिवेणी विहार में इंदौर और जबलपुर की तर्ज पर 'गीता भवन' निर्माण के निर्णय के लिए डॉ. मोहन यादव की सरकार को बधाई दी। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कन्या-पूजन के साथ किया। कार्यक्रम में भूमि-पूजन और विकास कार्यों का प्रेजेंटेशन किया गया। शुरूआत में राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 के विकास कार्यों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

राज्यपाल  पटेल ने कहा कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से बनने वाले ये निर्माण कार्य केवल कंक्रीट के ढाँचे नहीं होंगे, बल्कि उज्जैन के नये ‘स्वर्ण युग’ की आधारशिला हैं, जो दुनिया के सामने सुनियोजित विकास के प्रतीक बनेंगे। इन विशाल निर्माण कार्यों और उत्कृष्ट नगरीय सुविधाओं से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी। रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि महाकाल महालोक के निर्माण के बाद से उज्जैन में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। लाखों लोग महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन आ रहे हैं।

राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वैचारिक परिवर्तन का नया दौर शुरू हो गया है, अब हम सबका लक्ष्य और संकल्प विकसित भारत ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल एवं विद्युत संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता तथा ‘अतिथि देवो भव’ की भावना के अनुरूप श्रद्धालुओं को उच्च गुणवत्ता की सुविधाएँ और सेवाओं की उपलब्धता के द्वारा उज्जैन की आदर्श आध्यात्मिक पर्यटन गंतव्य के रूप में पहचान बनाने में उज्जैनवासियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

राज्यपाल  पटेल ने कहा कि गीता भवन निर्माण हमारी भावी पीढ़ी में सुसंस्कारों के बीजारोपण और सनातन ज्ञान-पुंज को सम्पूर्ण विश्व में आलोकित करने का दूरदर्शी और महत्वाकांक्षी कदम है। गीता भवन युवाओं, शोधार्थियों और नागरिकों को भारतीय ज्ञान-परंपरा, दर्शन और संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा, जो समाज में भारतीय सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों की मजबूती और विस्तार में सहयोगी होगा। उन्होंने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन, कर्तव्य बोध और मानव कल्याण का सर्वकालिक मार्गदर्शक ग्रंथ है। फल की इच्छा किए बिना कार्य करने वाले जीवन में सफल होते है। ‘भगवद् गीता’ के दर्शन का यह ज्ञान नई पीढ़ी में नैतिकता, अनुशासन और सकारात्मक विचारों के आधार को मजबूत बनाएगा। प्रदेश में सनातन परंपरा पुनउर्त्थान के सशक्त केंद्र के रूप में गीता भवन भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैचारिक संवाद को नई दिशा देने के माध्यम बनेंगे।

‍सिंहस्थ-2028 सनातन संस्कृति का होगा वैश्विक-समागम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि ‍सिंहस्थ-2028 सनातन संस्कृति का वैश्विक-समागम है। हमारा कर्तव्य, दायित्व और जवाबदारी सिंहस्थ में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को गरिमापूर्वक सुविधाजनक दर्शन करने के प्रति है। सिंहस्थ-2028 में उज्जैन आने वाला प्रत्येक व्यक्ति हमारा अतिथि होगा। सिंहस्थ-2028 का वैभव इस बार "भूतो न भविष्यति" को साकार करते हुए अद्वितीय होगा। राज्य सरकार के प्रयासों को भारत सरकार का साथ मिल रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट ने 3 हजार 839 करोड़ की लागत से NH- 752 D के बदनावर-पेटलावद थांदला खंड को फोर लेन करने की स्वीकृति दी है। यह इस बात का प्रमाण है कि केंद्र और राज्य मिलकर सिंहस्थ-2028 को अविस्मरणीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह कॉरिडोर उज्जैन को दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधे जोड़कर विकास की नई धुरी बनेगा। राज्य सरकार ने सिहंस्थ-2028 महापर्व की भव्यता और जन सुविधाओं के लिए 13 हजार 851 करोड़ रुपए के कार्यों की ऐतिहासिक स्वीकृति दी है। वर्ष 2026-27 के बजट में सिहंस्थ के लिए 3060 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान रखा गया है, यह उज्जैन के भविष्य को बदलने का रोडमेप है। हम उज्जैन को सुविधा और शुचिता का ऐसा मॉडल बनाएंगे जो पूरी दुनिया में आध्यात्मिक नगरी के साथ आधुनिकतापूर्वक कदम से कदम मिलाकर चलने का उदाहरण बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में गीता भवन सहित अन्य विकास कार्यों के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा, हिन्दू नववर्ष की पावन बेला में उज्जैन को विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। सिंहस्थ-2028 विकास कार्यों को समर्पित है, जो तय सीमा में पूर्ण होंगे। उज्जैन को 662 करोड़ 46 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी है। आज 77 करोड़ 14 लाख की लागत से गीता भवन की आधारशिला रखी गई है। इसके साथ ही 30 करोड़ 68 लाख की लागत से विक्रम नगर रेलवे ओवर ब्रिज और 11 सड़क निर्माण कार्यों का भी भूमि-पूजन हुआ है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 में किसानों की आय बढ़ाने और पशुपालन के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। पशुपालन विभाग ने सवा साल में श्रेष्ठ कार्य करते हुए 25 प्रतिशत दूध उत्पादन बढ़ाया है। सभी पशुपालक इसके लिए बधाई के पात्र हैं। किसानों को 5 से 8 रुपए लीटर अधिक मूल्य का लाभ मिला है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जरूरी बदलाव किए गए हैं। स्कूली बच्चों को आने-जाने के लिए साइकिलें, ड्रेस, किताबें नि:शुल्क वितरित की जा रही हैं। टॉपर बच्चों को स्कूटी, मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप की सौगात मिल रही है। अब प्रदेश के बच्चों को नवीन माता यशोदा योजना अंतर्गत स्कूलों में नि:शुल्क दूध के पैकेट मिलेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन वह नगरी है, जहां सम्राट विक्रमादित्य के गौरवशाली अतीत को जीवंत करते हुए आज 30वाँ दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ है। उज्जैन में भगवान कृष्ण ने 64 कला और 14 विद्याओं का अध्ययन किया। कृष्ण और सुदामा की मित्रता का उज्जैन की पावन धरा से यशोगान प्रारंभ हुआ। भगवान कृष्ण ने कर्मवाद के मार्ग पर आगे बढ़कर महाभारत के युद्ध में पवित्र गीता का उपदेश अर्जुन को दिया था। दुनिया में सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला पवित्र ग्रंथ गीता है। प्रदेश के नगरीय निकायों में गीता भवन, गांवों में आदर्श वृंदावन ग्राम बनाए जा रहे हैं।

विधायक  अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन को स्वर्ण नगरी बनाने के लिए तन-मन-धन से प्रयास किए हैं। उज्जैन में भी भव्य गीता भवन बनकर तैयार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से क्षिप्रा की सफाई, सिंहस्थ के लिए घाट निर्माण और कान्ह डक्ट परियोजना पर काम जारी है। उज्जैन में सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के महत्वपूर्ण किए जा रहे हैं। यह कार्य शहर के आगामी 50 वर्ष के विकास की दृष्टि से अहम हैं। उज्जैन में आईटी हब बन रहा है। अब प्रदेश के आईटी प्रोफेशनल्स को रोजगार के लिए पुणे और बैंगलोर जैसे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। उज्जैन में एम्स के स्तर का एक आयुर्वेदिक कॉलेज भी आने वाला है।

एपपीवी निशुल्क टीकाकरण सहित विभिन्न हितग्राहियों को किये हितलाभ वितरित

कार्यक्रम में एचपीवी निशुल्क टीकाकरण अभियान अंतर्गत लाभ प्राप्त किशोरियों सु प्रिया गहलोत, सु मोनिका यादव को प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। उद्यानिकी विभाग की पीएमएफएमई योजना अंतर्गत मसाला उद्योग स्थापना के लिए  जयेंद्र यादव, मुद्रा योजना अंतर्गत मती किरण मीणा, दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना अंतर्गत हितग्राही  अजय शर्मा और मती मंजू को हितलाभ प्रदान किये।

कार्यक्रम में विधायक  सतीश मालवीय, जिला पंचायत अध्यक्ष मती कमला कुंवर, सभापति मती कलावती यादव, नगर अध्यक्ष  संजय अग्रवाल,  राजेश धाकड़,  रवि सोलंकी सहित संभागायुक्त  आशीष सिंह, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button