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धर्म/ज्योतिष

किन लोगों पर भरोसा करना है खतरनाक? नित्यानंद चरण दास ने बताए 6 संकेत

जीवन में सही लोगों की संगति आपको आगे बढ़ाती है, जबकि गलत संगति भीतर से कमजोर कर देती है। नित्यानंद चरण दास बताते हैं कि किन 6 तरह के लोगों से दूरी बनाकर रखना ही आत्मरक्षा है।

जीवन हो या अध्यात्म- संगति का प्रभाव सबसे गहरा होता है। जिन लोगों के साथ हम रोज उठते-बैठते हैं, उनकी सोच, आदतें और ऊर्जा धीरे-धीरे हमारी अपनी बन जाती हैं। अगर आपकी संगति आपको प्रेरित करने के बजाय थका रही है, आत्मविश्वास कम कर रही है या मानसिक शांति छीन रही है, तो यह एक बड़ी चेतावनी हो सकती है।

प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता और इस्कॉन साउथ मुंबई के संयोजक Nityanand Charan Das कहते हैं कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ सही रास्ता नहीं, बल्कि सही लोग भी जरूरी होते हैं। उनके अनुसार, कुछ लोगों से दूरी बनाना नकारात्मकता नहीं, बल्कि स्वयं की रक्षा करना है। उनके अनुसार, इन 6 तरह के लोगों पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए-

जो दूसरों की चुगली करता है
जो व्यक्ति आपकी मौजूदगी में किसी तीसरे की बुराई करता है, वह भरोसे के काबिल नहीं होता। चुगली करने वाला इंसान रिश्तों को सच नहीं, मसाले से चलाता है। ऐसे लोग ना तो सच्चे दोस्त होते हैं और ना ही वफादार साथी। आज आप उनके सामने हैं, इसलिए आप सुरक्षित हैं- लेकिन जैसे ही आप पीछे मुड़ेंगे, वही बातें आपके बारे में कही जाएंगी। यह आदत व्यक्ति की सोच और नैतिकता को दर्शाती है।

जो जरूरत से ज्यादा मीठा बोलता है
अत्यधिक तारीफ, बनावटी अपनापन और हर बात में “आप ही सबसे अच्छे हैं” कहना अक्सर किसी स्वार्थ का संकेत होता है। सच्चे रिश्तों में ईमानदारी होती है, चापलूसी नहीं। ऐसे लोग तब तक मीठे रहते हैं, जब तक उन्हें आपसे कुछ चाहिए। काम निकलते ही उनका व्यवहार बदल जाता है।

जो कभी अपनी गलती नहीं मानता
जो इंसान हर परिस्थिति में खुद को सही साबित करता है और दोष हमेशा दूसरों पर डालता है, वह रिश्तों में जिम्मेदारी नहीं निभा सकता। ऐसे लोगों के साथ विवाद कभी सुलझते नहीं, क्योंकि वे आत्ममंथन करना ही नहीं जानते। जहां गलती मानने की क्षमता नहीं, वहां सुधार और भरोसे की भी कोई जगह नहीं।

जो ताकतवर लोगों के सामने व्यवहार बदल ले
जो व्यक्ति पद, पैसे या पावर देखकर झुक जाता है और आम लोगों को नजरंदाज करता है, वह स्थिर चरित्र वाला नहीं होता। ऐसे लोग रिश्तों को इंसान से नहीं, फायदे से जोड़कर देखते हैं। आज आप उपयोगी हैं, इसलिए आप महत्वपूर्ण हैं- कल कोई और ज्यादा प्रभावशाली मिला, तो आप पीछे छूट जाएंगे।

जो किसी के दर्द पर हंसता है
जिस इंसान में करुणा और संवेदना नहीं होती, वह कभी सच्चा सहारा नहीं बन सकता। किसी के दुख में मजाक उड़ाना या उसे कमजोरी समझना दर्शाता है कि उस व्यक्ति में समानुभूति (empathy) की कमी है। नित्यानंद चरण दास के अनुसार, जहां एक बार संवेदना नहीं दिखी, वहां आगे भी उम्मीद रखना व्यर्थ है।

जो राज नहीं रख सकता
जो व्यक्ति दूसरों की निजी बातें, रहस्य या विश्वास को हल्के में लेता है, वह भरोसे के लायक नहीं होता। अगर कोई किसी तीसरे का राज आपके साथ शेयर कर रहा है, तो याद रखें- आपका नंबर भी आएगा। विश्वास एक बार टूटा तो रिश्ते हमेशा के लिए कमजोर हो जाते हैं।

 

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