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छत्तीसगड़

“विजन 2030” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

रायपुर

“विजन 2030” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

वन मंत्री  केदार कश्यप ने आज छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड द्वारा “विजन 2030 दृ छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के लिए उच्च विकास व्यवसाय मॉडल का निर्माण” विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन अरण्य भवन सभागार, नया रायपुर में किया गया। 

कार्यक्रम के दौरान अपने उद्बोधन में वन मंत्री  कश्यप ने निगम के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम राज्य की वन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वन संसाधनों का वैज्ञानिक और सतत प्रबंधन, वनोपज का मूल्य संवर्धन तथा उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय के माध्यम से निगम की गतिविधियों का विस्तार किया जाना आवश्यक है।

वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं समय की आवश्यकता हैं। इनके माध्यम से विभिन्न राज्यों के अनुभव साझा करने का मौका मिलता है, उद्योग जगत की अपेक्षाएं और विशेषज्ञों के सुझाव एक मंच पर प्राप्त होते हैं, जिससे भविष्य के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने में मदद मिलती है। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए वन विकास निगम के अधिकारियों को बधाई दी और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यशाला से प्राप्त सुझावों के आधार पर निगम के लिए सुदृढ़ और उच्च विकास क्षमता वाला रोडमैप तैयार किया जाएगा। 

कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक  प्रेम कुमार ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कार्यशाला के उद्देश्य तथा विजन 2030 के अंतर्गत निगम के दीर्घकालिक लक्ष्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निगम वन संसाधनों के सतत उपयोग, मूल्य संवर्धन तथा नए अवसरों के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष  रामसेवक पैकरा ने भी कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि वन विकास निगम लगातार बेहतर कार्य कर रहा है और वनवासियों को आजीविका के अवसर प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख छत्तीसगढ़  व्ही. निवास राव सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि इस कार्यशाला की विशेषता यह रही कि इसमें देश के पांच राज्यों के वन विकास निगमों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया स उन्होंने अपने-अपने राज्यों में संचालित गतिविधियों, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों तथा सफलता की कहानियों को साझा किया। इसके अतिरिक्त विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता करते हुए उद्योगों की आवश्यकताओं और निगम के साथ संभावित सहयोग के अवसरों पर अपने विचार व्यक्त किए।

इस एक दिवसीय कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में सार्थक चर्चा हुई। विभिन्न राज्यों के अनुभवों, उद्योग जगत के सुझावों और विशेषज्ञों के विचारों के आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के लिए विजन 2030 के अंतर्गत उच्च विकास क्षमता वाले मॉडल के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।  प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के विचार-विमर्श भविष्य की रणनीति तय करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।

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