<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
देश

चुनाव नतीजों के चार महीने बाद राजनीतिक दलों ने दिया खर्च का ब्यौरा चुनाव आयोग को

पटना

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जीतने के लिए बीजेपी ने सभी पार्टियों से ज्यादा खर्च किया है. बीजेपी ने 146.71 करोड़ रुपये खर्च किए हैं तो कांग्रेस ने कुल 35.07 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. बीजेपी ने जमा पूंजी का 2 फीसदी खर्च किया तो कांग्रेस ने अपनी कुल जमा पूंजी का 28 फीसदी पैसा खर्च कर दिया है। 

बीजेपी ने पिछले बिहार विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार तीन से ज्यादा पैसा चुनाव प्रचार पर खत्म किया है. 2020 में बीजेपी ने करीब 54 करोड़ रुपये खर्च किए थे, लेकिन इस बार 146.71 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।  

बिहार में बीजेपी का खर्च करना इस बार कामयाब रहा और राज्य में 89 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस ने बीजेपी की तुलना में भले ही पैसा कम खर्च किया हो, लेकिन अपनी जमा पूजी का बहुत बड़ा हिस्सा बिहार में खर्च कर दिया है। 

बिहार चुनाव में किस पार्टी ने कितना खर्च किया
चुनाव आयोग को राजनीतिक दलों ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद अपने खर्च की हिसाब देती हैं. इसी मद्देनजर बिहार चुनाव में खर्च किए पैसे का लेखा-जोखा सियासी दलों ने चुनाव आयोग को दिए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी ने बिहार चुनाव खर्च की रिपोर्ट 10 फरवरी को चुनाव आयोग को सौंपी है, जिसमें पार्टी ने बताया है कि उसने 146.71 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। 

वहीं, बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कुल 35 करोड़ रुपये खर्च किए हैं तो सीपीआई (एम) ने महज 26.75 लाख रुपये खर्च किए हैं. बहुजन समाज पार्टी ने बिहार चुनाव में सिर्फ 9.01 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. आरजेडी और जेडीयू सहित दूसरे दलों के खर्च का लेखा-जोखा अभी चुनाव आयोग को उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिसके चलते उन्होंने कितना खर्च किया है, उसका आंकड़ा पता नहीं चल सका। 

बीजेपी और कांग्रेस ने कहां कितना पैसा खर्च किया
बिहार चुनाव में बीजेपी ने 146 करोड़ रुपये जो खर्च किए हैं, उसमें 117 करोड़ रुपये सियासी माहौल बनाने के लिए प्रचार और स्टार कैंपेनर के ट्रैवेल पर खर्च किए हैं. बीजेपी ने चुनाव प्रचार और विज्ञापन पर 43.53 करोड़ रुपये खर्च किए तो स्टार कैंपेनर्स की यात्रा पर 37.28 करोड़ रुपये खर्च किए और साथ में दूसरे नेताओं के यात्रा पर 4.44 करोड़ रुपये खर्च किए गए। 

बीजेपी ने चुनाव प्रचार के विज्ञापन पर खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा गूगल इंडिया लिमिटेड पर किया, जिसे पार्टी ने 14.27 करोड़ रुपये दिए. इसके अलावा बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों पर 29.71 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जिसमें पार्टी ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए आर्थिक मदद के तौर पर देखा जाता है। 

कांग्रेस ने बिहार चुनाव में खर्च किए गए 35 करोड़ रुपये में से 12.83 करोड़ रुपये स्टार कैंपेनर्स की यात्रा पर लगे. इसके अलावा कांग्रेस ने सोशल मीडिया कैंपने के लिए 11.24 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके अलावा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की बिहार में निकाली गई वोटर अधिकार यात्रा पर भी खर्च किए। 
 
बीजेपी ने जमापूंजी का 2% खर्चा तो कांग्रेस ने 28%
रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले साल नवंबर में बिहार चुनाव खत्म होने पर बीजेपी का क्लोजिंग बैलेंस 7,088.58 करोड़ रुपये था. इसके मुताबिक चुनाव से पूर्व बीजेपी के पास 7235.26 करोड़ रुपये था, जिसमें से 146.71 करोड़ खर्च किया गया. इसके बाद 7,088.58 करोड़ रुपये बचे थे. इस तरह बीजेपी ने अपनी जमापूंजी का करीब 2 फीसदी पैसा ही बिहार चुनाव में खर्च किया है। 

वहीं, कांग्रेस के पास बिहार चुनाव के बाद कुल 89.13 करोड़ रुपये बचे थे. कांग्रेस ने चुनाव में 35.07 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. इस लिहाज से कांग्रेस के चुनाव से पहले 124.2 करोड़ रुपये था, जिसमें से 35.07 करोड़ रुपये खर्च करने का मतलब साफ है कि पार्टी ने अपनी जमापूंजी का 28.23 फीसदी पैसा बिहार चुनाव में खर्च किया। 

कांग्रेस-बीजेपी का एक विधायक पर कितना खर्च
बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने सबसे ज्यादा 89 विधायक जीतने में सफल रही जबकि कांग्रेस को महज 6 सीटें मिली हैं. बिहार चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के द्वारा खर्च किए गए पैसे को विधायकों की संख्या के लिहाज से देखें तो बीजेपी को एक विधायक 1 करोड़ 64 लाख का पड़ा. कांग्रेस के सिर्फ 6 विधायक जीते हैं, ऐसे में कांग्रेस को एक विधायक 5 करोड़ 83 लाख का पड़ा. 

2020 के चुनाव की तुलना में तीन गुना खर्च किया

बिहार के पिछले यानी 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने कुल 54.72 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जिसमें से लगभग 28.02 करोड़ रुपये बिहार राज्य इकाई द्वारा और 26.69 करोड़ रुपये केंद्रीय मुख्यालय द्वारा खर्च किए गए थे. बीजेपी इस चुनाव में सबसे अधिक खर्च करने वाली पार्टी थी। 

वहीं, 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कुल 12.35 करोड़ रुपये खर्च किए थे, इसमें से बड़ा हिस्सा 11.69 करोड़ रुपये दिल्ली केंद्रीय मुख्यालय से आया था, जबकि राज्य इकाई का खर्च काफी कम दिखाया गया है. इस हिसाब से देखें तो इस बार कांग्रेस और बीजेपी तीन गुना पैसा चुनाव कैंपेन पर खर्च किया है। 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button