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उत्तर प्रदेश

प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के लिए भूमि क्रय प्रक्रिया तेज करने के मुख्यमंत्री के निर्देश

लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। प्रस्ताव के तहत योगी सरकार ने उच्च शिक्षा के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं। शिक्षकों का समाज निर्माण और शिक्षण व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान होता है, लेकिन अब तक उन्हें चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने 5 सितम्बर 2025 (शिक्षक दिवस) के अवसर पर उच्च शिक्षा के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की घोषणा की थी।

उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत नियमित एवं स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों, स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों तथा राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत नियमित एवं स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों को इस योजना के अंतर्गत लाया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत शिक्षकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ संबद्ध निजी अस्पतालों में भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

मंत्री ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत प्रति शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी  2479.70 रुपये का प्रीमियम व्यय होगा। प्रदेश में लगभग 2 लाख से अधिक शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी इस योजना से लाभान्वित होंगे और इस पर सरकार को लगभग 50 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का व्यय वहन करना पड़ेगा। इस व्यय की व्यवस्था उच्च शिक्षा विभाग के बजट से की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना का संचालन राज्य समग्र स्वास्थ्य एवं एकीकृत सेवा एजेंसी (साचीज) के माध्यम से किया जाएगा। योजना के तहत लाभार्थियों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी, जिसकी दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत आरोग्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार होंगी।

उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस योजना के लाभार्थियों और उनके आश्रितों का विवरण उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिवर्ष 30 जून तक साचीज को उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही जो व्यक्ति पहले से केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वास्थ्य योजना (जैसे प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आरोग्य योजना) से आच्छादित होंगे, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि योगी सरकार शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सम्मान और उनकी सामाजिक सुरक्षा के लिए लगातार संवेदनशील निर्णय ले रही है। यह योजना शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में प्रस्तावित विभिन्न एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को प्रगति समीक्षा बैठक में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे तथा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की प्रगति पर चर्चा करते हुए सम्बंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि इन परियोजनाओं के लिए भूमि क्रय की प्रक्रिया को अविलम्ब गति देते हुए सभी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए, ताकि एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार प्रदेश में निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और क्षेत्रीय संतुलित विकास को नई गति देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की तीव्र आर्थिक प्रगति के लिए मजबूत अवसंरचना आधार अत्यंत आवश्यक है और किसी भी परियोजना में अनावश्यक विलंब या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा, उच्च गुणवत्ता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए।

समीक्षा में बताया गया कि गंगा एक्सप्रेसवे का मुख्य कैरिजवे निर्माण पूरा हो चुका है और शेष कार्य तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी शेष कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे कर एक्सप्रेसवे को शीघ्र संचालन के लिए तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री को बताया गया कि गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के प्रस्ताव पर भी कार्य प्रगति पर है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट को हाल ही में प्रोविजनल एरोड्रम लाइसेंस प्राप्त हुआ है और भूमि अधिग्रहण व अन्य विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि एयरपोर्ट परियोजना से जुड़े सभी कार्यों को समन्वित ढंग से शीघ्र पूर्ण किया जाए।ग्रेटर नोएडा में विकसित किए जा रहे मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं नोएडा के चिल्ला एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना के संबंध में उन्होंने निर्माण गुणवत्ता और अनुबंध शर्तों के कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।

सिंचाई क्षेत्र की समीक्षा में मध्य गंगा नहर परियोजना (स्टेज-2) तथा एरच सिंचाई परियोजना की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजनाएं किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनके कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।

ऊर्जा क्षेत्र में रिहंद-ओबरा क्षेत्र में प्रस्तावित पंप स्टोरेज परियोजना, तापीय विद्युत परियोजनाओं में पर्यावरणीय उन्नयन तथा झांसी में प्रस्तावित 100 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।लखनऊ में वृंदावन योजना के अंतर्गत प्रस्तावित एग्ज़ीबिशन-कम-कन्वेंशन सेंटर तथा कुकरेल क्षेत्र में प्रस्तावित नाइट सफारी परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से पर्यटन और सेवा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, इन्हें प्राथमिकता दी जाए।

बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रगति की समीक्षा करते हुए जून तक यह कार्य पूरा कर लेने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकतानुरूप अतिरिक्त मैनपॉवर लगाया जाए। बैठक में अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े मार्गों के चौड़ीकरण तथा बस्ती जनपद में घाघरा नदी के तटबंध सुरक्षा परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने नोडल अधिकारियों की तैनाती करते हुए सभी संबंधित विभागों को इन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।बैठक में मुख्यमंत्री मॉडल स्कूल योजना, लखनऊ स्थित 300 बेड के कैंसर अस्पताल, तथा ‘जीरो पॉवर्टी’ अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के अंतर्गत अत्यंत गरीब परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है तथा युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए उद्यमियों के प्रशिक्षण दिलाये जाने की जरूरत बताई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विकास परियोजनाएं केवल अवसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि निवेश, रोजगार और नागरिकों के जीवन स्तर में व्यापक परिवर्तन का आधार बनती हैं। इसलिए सभी विभाग समन्वित और लक्ष्य-उन्मुख दृष्टिकोण के साथ परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

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