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धर्म/ज्योतिष

टेंशन भरी जिंदगी को बनाएं शांत और सरल – गौतम बुद्ध के 10 गहरे विचार

गौतम बुद्ध अपने समय के सबसे महान चिंतक थे, जिन्होंने मानवता को केवल धर्म का ही नहीं बल्कि करुणा, शांति और आत्मज्ञान का मार्ग दिखाया। उनके कहे शब्द समय की सीमाओं से परे हैं और आज भी इतने ही प्रासंगिक हैं जितना सदियों पहले थे। बुद्ध के विचार हमें सिखाते हैं कि असली शांति बाहर ढूंढने से नहीं मिलती, बल्कि आपके भीतर ही छिपी हुई रहती है। आज का जीवन जहां भागदौड़, तनाव और उलझनें मन की शांति को भंग कर रही हैं, वहां गौतम बुद्ध के विचार हमें भीतर से थाम लेते हैं। आज के समय में तो ये और भी प्रासंगिक हो गए हैं क्योंकि ये महज अध्यात्मिकता की सीख ही नहीं देते, बल्कि शांति, धैर्य और आत्मबोध की सही राह दिखाते हैं। तो चलिए दिन की शुरुआत गौतम बुद्ध के कुछ महान विचारों के साथ करते हैं।

1) किसी जंगली जानवर की अपेक्षा एक कपटी और दुष्ट मित्र से अधिक डरना चाहिए। जानवर तो बस आपके शरीर को नुक्सान पहुंचा सकता है, पर एक बुरा मित्र आपकी बुद्धि को नुकसान पहुंचा सकता है।

2) आपके पास जो कुछ भी है है उसे बढ़ा-चढ़ा कर मत बताइए, और ना ही दूसरों से ईर्ष्या कीजिये। जो दूसरों से ईर्ष्या करता है उसे मन की शांति नहीं मिलती।

3) क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकड़े रहने के सामान है; इसमें आप ही जलते हैं।

4) सत्य के मार्ग पे चलते हुए कोई दो ही गलतियाँ कर सकता है; पूरा रास्ता ना तय करना और इसकी शुरआत ही ना करना।

5) मन और शरीर दोनों को स्वास्थ्य रखने का रहस्य है- अतीत पर शोक मत करो, ना ही भविष्य की चिंता करो, बल्कि बुद्धिमानी और ईमानदारी से वर्तमान में जियो।

6) ऊपर उठें और आभारी रहें, क्योंकि अगर हमने बहुत नहीं तो कुछ तो सीखा और अगर हमने कुछ भी नहीं सीखा, तो कम से कम हम बीमार तो नहीं पड़े, और अगर हम बीमार पड़े तो कम से कम हम मरे नहीं; इसलिए चलिए हम सभी आभारी रहे।

7) कोई व्यक्ति इसलिए ज्ञानी नहीं कहलाता क्योंकि वह सिर्फ बोलता रहता है; लेकिन अगर वह शांतिपूर्ण, प्रेमपूर्ण और निर्भय है तो वह वास्तव में ज्ञानी कहलाता है।

8) जो जगा है उसके लिए रात लम्बी है; जो थका है उसके लिए दूरी लम्बी है, जो मूर्ख सच्चा धर्म नहीं जानता उसके लिए जीवन लम्बा है।

9) किसी चीज पर यकीन मत करो। ये मायने नहीं रखता कि आपने उसे कहाँ पढ़ा है, या किसने उसे कहा है, कोई बात नहीं अगर मैंने ये कहा है, जब तक कि वो आपके अपने तर्क और समझ से मेल नही खाती।

10) एक कुत्ता इसलिए अच्छा नहीं समझा जाता क्योंकि वो अच्छा भौंकता है। इसी तरह एक व्यक्ति इसलिए अच्छा नहीं समझा जाता क्योंकि वो सिर्फ अच्छा बोलता है।

 

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