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देश

कर्नाटक में CM पद की अटकलों के बीच दिल्ली निकले शिवकुमार

नई दिल्ली.

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के नई दिल्ली दौरे ने विधानसभा के बजट सत्र के बाद राज्य में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को फिर से हवा दे दी है। सरकारी और पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार रविवार शाम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कलबुर्गी से राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हुए।

इससे पहले दिन में, दोनों नेताओं ने जिले के चित्तपुर में 1,069 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत की थी। मीडिया के साथ साझा किए गए शिवकुमार के यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, वह एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नयी दिल्ली गये हैं और सोमवार सुबह बेंगलुरु लौटेंगे।

सिद्धारमैया क्या बोले
मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवकुमार के साथ जारी खींचतान के बीच, सिद्धरमैया ने शनिवार को कहा था कि अगर कांग्रेस आलाकमान उन्हें अवसर देता है तो वह दो और बजट पेश कर सकते हैं। सिद्धरमैया ने शुक्रवार को राज्य के वित्त मंत्री के रूप में अपना रिकॉर्ड 17वां बजट पेश किया। कहा जा रहा है कि शिवकुमार के समर्थक कुछ विधायक दिल्ली जाकर पार्टी आलाकमान के सामने अपने नेता को विधानसभा के बजट सत्र के बाद मुख्यमंत्री बनाए जाने की इच्छा व्यक्त चुके हैं। यह बजट सत्र 27 मार्च को समाप्त होगा। इस बीच, शिवकुमार 10 मार्च को सभी मंत्रियों, कांग्रेस विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के लिए रात्रिभोज का आयोजन करेंगे, जो कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष के रूप में उनके छह साल पूरे होने का जश्न होगा।

पहले भी दे चुके संकेत
शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि वह 'अत्यंत धैर्य' रखे हुए हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की क्रांति में शामिल होने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उन्हें खुद पर विश्वास है और उम्मीद है। कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के प्रमुख शिवकुमार ने कहा कि उन्हें न तो स्वार्थ के लिए किसी भी तरह की 'ब्लैकमेलिंग' में दिलचस्पी है और न ही कांग्रेस के लिए किसी तरह की परेशानी पैदा करने में। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि वह मैदान में उतरकर लड़ने वाले व्यक्ति हैं, लेकिन उनकी लड़ाई कभी भी पार्टी के भीतर नहीं होती। शिवकुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा था, 'आज तक मैंने मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर कभी कुछ नहीं कहा है। हमारे बीच के मुद्दे, मेरे, मुख्यमंत्री और पार्टी आलाकमान तक ही सीमित हैं। मैंने सिर्फ इतना कहा है कि जो फैसला हुआ है उसमें हम शामिल हैं, इसके अलावा मैंने कभी कुछ नहीं कहा।'

उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, 'कुछ लोग कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री का पद खाली हो जाएगा, दलितों को यह पद मिलना चाहिए, दूसरों को मिलना चाहिए। ये वही लोग हैं जो मुख्यमंत्री का पद खाली करवाना चाहते हैं, चाहते हैं कि यह पद दलितों और अन्य लोगों को दिया जाए। मैंने इस बारे में कभी कुछ नहीं कहा।'

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