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देश

कर्नाटक बजट में अल्पसंख्यकों पर खास ध्यान, शिक्षा-कल्याण के लिए खोला खजाना

बेंगलुरु
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्य का बजट पेश करते हुए अल्पसंख्यक समुदायों के लिए शिक्षा, कल्याण और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई नई योजनाओं की घोषणा की। इन योजनाओं का उद्देश्य अल्पसंख्यक छात्रों के लिए शैक्षिक सुविधाओं का विस्तार करना, कौशल विकास को बढ़ावा देना और आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है। अपने बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की बढ़ती मांग को देखते हुए छात्रावास सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अधिक मांग वाले जिलों में 150 क्षमता वाले 25 नए पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास शुरू किए जाएंगे। सीएम ने कहा कि मौजूदा 25 छात्रावासों की क्षमता में 50 और छात्रों की बढ़ोतरी की जाएगी। बजट पेश करते हुए, उन्होंने कहा कि सरकार माइनॉरिटी स्टूडेंट्स और कम्युनिटीज़ के लिए एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर और सोशल सपोर्ट सिस्टम को बढ़ाएगी, साथ ही एंटरप्रेन्योरशिप और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देगी।

स्कूलों का उन्नयन और उच्च शिक्षा की तैयारी
उन्होंने कहा कि 2026-27 में 25 नए संत शिशुनाला शरीफ रेजिडेंशियल स्कूल शुरू किए जाएंगे। इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि 117 मौलाना आज़ाद मॉडल स्कूलों और उर्दू स्कूलों को 600 करोड़ रुपये की लागत से कर्नाटक पब्लिक स्कूलों के तौर पर अपग्रेड करने का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस साल, 400 करोड़ रुपये की लागत से इसी मॉडल के तहत और 100 स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा।

लर्निंग सेंटर्स और सिटीज़न सर्विस सेंटर्स का ऐलान
सिद्धारमैया ने कहा कि 25 मोरारजी देसाई रेजिडेंशियल स्कूलों में PUC साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम शुरू की जाएंगी। इसके अलावा 18 APJ अब्दुल कलाम रेजिडेंशियल स्कूलों में कॉमर्स स्ट्रीम शुरू की जाएगी। सिद्धारमैया ने कहा कि इसके अलावा, माइनॉरिटी रेजिडेंशियल स्कूलों के चुने हुए काबिल PUC स्टूडेंट्स को K-CET, JEE और NEET एग्जाम के लिए अच्छी कोचिंग देने के लिए सेंटर्स ऑफ़ एक्सीलेंस के तौर पर चार रेजिडेंशियल स्कूल बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के बीच लगातार सीखने को बढ़ावा देने के लिए लर्निंग सेंटर्स और सिटीज़न सर्विस सेंटर्स भी बनाए जाएंगे।

चार नए वर्किंग विमेन हॉस्टल्स बनेंगे
उन्होंने कहा कि वर्किंग विमेन हॉस्टल्स की डिमांड ज़्यादा है, इसलिए बेंगलुरु में 100 लोगों की कैपेसिटी वाले चार नए वर्किंग विमेन हॉस्टल्स शुरू किए जाएंगे। सिद्धारमैया ने कहा कि सरकार ने जैन, बुद्धिस्ट और सिख कम्युनिटीज़ के बड़े डेवलपमेंट के लिए 100 करोड़ रुपये भी रखे हैं। उन्होंने बुद्धिस्ट कम्युनिटी के धम्मचारियों को 6,000 रुपये महीने का मानदेय देने की घोषणा की। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी अल्पसंख्यक छात्रों में से 5,000 छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए 50,000 रुपये देने का भी उन्होंने ऐलान किया।

आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक युवाओं को स्वरोजगार के अवसर देने के लिए सरकार फास्ट फूड ट्रक या मोबाइल किचन कियोस्क उपलब्ध कराएगी। इसके तहत परियोजना लागत का 75% या अधिकतम 3 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने के लिए अल्पसंख्यक महिला सहकारी समितियां भी स्थापित की जाएंगी।

अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं
जैन, बौद्ध और सिख समुदायों के समग्र विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान। बौद्ध समुदाय के धम्माचारियों को प्रति माह 6,000 रुपये मानदेय। हुब्बली और कलबुर्गी में नए हज भवनों का निर्माण। वक्फ संस्थानों के 31 महिला पीयू कॉलेजों को डिग्री कॉलेज में अपग्रेड किया जाएगा। सवनूर में एक नया महिला पीयू कॉलेज शुरू होगा। व्यावसायिक क्षेत्रों में स्थित वक्फ संपत्तियों का पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकास किया जाएगा।

बीजेपी ने किया विरोध
इन घोषणाओं पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भारतीय जनता पार्टी की कर्नाटक इकाई ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार “तुष्टिकरण की राजनीति” कर रही है और राज्य के खजाने का बड़ा हिस्सा अपने वोट बैंक को सुरक्षित रखने के लिए खर्च कर रही है।

 

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